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खुलासाः आईएसआई ने 'पीएचडी' और 'चीता' में कराया था गठजोड़, स्लीप सेल बनाने के निर्देश थे

Thu, 14 May 2020 12:23 PM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमृतसर
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) पाकिस्तानी कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर लाहौर में बैठकर पंजाब में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की साजिश रच रही है। इसी फोर्स के शीर्ष नेता हरमीत सिंह उर्फ हैप्पी पीएचडी ने कश्मीर के आतंकवादी संगठनों व पंजाब के स्लीपर सेलों के बीच रंजीत सिंह चीता को एक कड़ी बनाया था। कश्मीर के आतंकवादी संगठनों व पंजाब के स्लीपरों के बीच साठगांठ स्थापित करने के बाद आईएसआई के इशारे पर इस वर्ष जनवरी के अंतिम सप्ताह में अज्ञात हमलावरों ने हैप्पी पीएचडी की हत्या कर दी थी।
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सूत्रों के अनुसार,  आईएसआई ने हैप्पी पीएचडी की हत्या इसलिए करवाई कि पंजाब के स्लीपर सेलों व कश्मीर के आतंकी संगठनों के बीच स्थापित हुए संबंधों को लेकर टकराव  पैदा हो गया था। पाकिस्तान से तस्करी से आनी वाली हेरोइन की खेप से मिलने वाली ड्रग मनी रंजीत सिंह चीता के माध्यम से कश्मीर के आतंकी संगठनों तक पहुंचती थी। हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी चीता के संपर्क में थे। समय-समय पर हिजबुल के आतंकियों को ड्रग मनी पहुंचाने के लिए चीता स्लीपर सेलों का भी इस्तेमाल करता था।

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चीता सीमावर्ती गांव हवेलियां का रहने वाला था। वह वर्ष 2008 से ही नशे की तस्करी में शामिल था। बाद में उसका संबंध पाकिस्तान में बैठे इंटरनेशनल तस्करों के साथ हो गया। आईएसआई ने इन तस्करों से हैप्पी पीएचडी के साथ संपर्क स्थापित करवाया। पीएचडी के निर्देश पर चीता उस पार से आने वाली हेरोइन की खेप का बड़ा सौदागर बन गया। वहीं आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए स्लीपर सेल को ड्रग मनी की फंडिंग भी की।
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चीता ने ही नमक की बोरियों में 532 किलो हेरोइन मंगवाई थी

चीता ने ही अमृतसर के व्यापारी गुरदीप सिंह को मोहरा बना कर पाकिस्तान से नमक की बोरियों में 532 किलो हेरोइन मंगवाई थी। 2700 करोड़ की यह खेप यदि चीता के ठिकानों में पहुंच जाती तो उसे बेच कर बड़ी राशि कश्मीर के आतंकी संगठनों को पहुंचाई जानी थी। यही कारण था की ड्रोन से आने वाले हथियार आईएसआई के निर्देश पर तरनतारन व अमृतसर के सीमावर्ती गांवों में फेंके थे, ताकि स्लीपर सेलों तक इन हथियारों को पहुंचाकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची गई थी।

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चीता ने ड्रग मनी देकर हथियार खरीदने को कहा था
पंजाब पुलिस ने मंगलवार को तरनतारन के भिखीविंड इलाके में गिरफ्तार किये गए चीता के तीन सहयोगियों से जो हथियार बरामद किये गए हैं, वह भी चीता द्वारा तैयार किये स्लीपर सेल ही है। जानकारी के अनुसार, चीता ने ही इनको ड्रग मनी देकर हथियार खरीदने के लिए कहा था। लॉकडाउन के दौरान हिजबुल के गिरफ्तार आतंकी हिलाल अहमद से बरामद की गई 29 लाख की ड्रग मनी थी। अमृतसर से ही गिरफ्तार दो स्लीपर सेल बिक्रम सिंह उर्फ वीकी व मनिंदर सिंह उर्फ मनी से बरामद 32 लाख की राशि भी ड्रग मनी थी।

इन स्लीपर सेलों से बरामद राशि हिजबुल के आतंकवादियों तक पहुंचाई जानी थी। चीता का वीरवार को पांच दिन का पुलिस रिमांड खत्म हो रहा है। पुलिस उसे वीरवार को अदालत में पेश करेगी। इन पांच दिनों में चीता ने जांच के दौरान क्या उगला उसकी जानकारी पुलिस अदालत को देगी। चीता की गिरफ्तारी के बाद उसके द्वारा तैयार स्लीपर सेलों तक पहुंचना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है। लेकिन स्पष्ट है की चीता की गिरफ्तारी ने सीमा पार से होने वाली हेरोइन की तस्करी के एक बड़े इंटरनेशनल गरोह का पर्दाफाश किया है।
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