करोड़ों रुपये की ड्रग तस्करी का कारोबार केवल भारत ही नहीं बल्कि विदेश तक फैला हुआ था। यह बात उस समय सामने आई थी, जब पुलिस ने छह साल पहले मामले के आरोपियों को पकड़ना शुरू किया था। साथ ही आरोपियों ने इस बारे में कई खुलासे किए थे। उस समय पुलिस की तरफ से दावा किया गया था कि गिरोह का मुख्यारोपी जगदीश सिंह भोला था जबकि अन्य लोगों को वह अपने हिसाब से प्रयोग करता था।
इस कारोबार में एनआरआई लोगों के अलावा वह विदेशी नागरिकों को भी प्रयोग करता था जो कि विभिन्न देशों में उसके कारोबार को फैलाते थे। इतना ही नहीं उक्त लोगों ने नशे के पैसे से वहां पर काफी संपत्ति भी बनाई हुई है।
...जब पुलिस के हाथ से निकल गया था भोला
जगदीश भोला के खिलाफ पुलिस को काफी अहम जानकारियां मिल गई थीं। इसके बाद पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुट गईं थीं। फेज-10 स्थित भोला के घर पर मार्च 2013 में पुलिस ने दबिश दी थी लेकिन उस समय वह भागने में कामयाब रहा था। उसके घर से पुलिस ने करोड़ों रुपये का नशीला पदार्थ बरामद किया था।
पुलिस ने उसी साल उसे गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से 35 पासपोर्ट, एक वीजा पंचिंग मशीन भी बरामद हुई थी। इसके अलावा पुलिस ने उस समय दावा किया था उसके पास से एक ब्रिटिश और 8 कैनेडियन पासपोर्ट भी बरामद हुए थे।