पंजाब के हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार के मजीठिया कनेक्शन को लेकर सौंपी गई रिपोर्ट अब 20 मार्च को ओपन कोर्ट में खोली जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि ड्रग पंजाब की बड़ी समस्या है और इस केस को अब लटकने नहीं दिया जाएगा।
जस्टिस राजीव शर्मा एवं जस्टिस अजय तिवारी की विशेष खंडपीठ ने पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को आदेश दे दिए हैं कि एडीजीपी हरप्रीत सिंह सिद्धू की अध्यक्षता में गठित एसटीएफ ने अब तक क्या जांच की है और क्या कार्रवाई हुई है, इसकी पूरी जानकारी 20 मार्च को हाईकोर्ट में सौंपी जाए।
हाईकोर्ट इस जानकारी और अभी तक सौंपी गई रिपोर्ट को आधार बनाकर केस का निपटारा करेगा। साथ ही हाईकोर्ट ने आदेश दे दिए हैं कि मई 2018 को पंजाब के ड्रग माफिया और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के बीच के रिश्तों की जांच कर एसटीएफ ने हाईकोर्ट में जो रिपोर्ट पेश की थी उस रिपोर्ट पर ईडी ने भी जांच कर अपनी सीलबंद रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपी है, वह दोनों ही रिपोर्ट अब 20 मार्च को कोर्ट में खोली जाएंगी।
इससे पहले हाईकोर्ट ने पूछा था कि क्या बिक्रम मजीठिया को केस में पार्टी बनाया है। इस पर सीनियर एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने कहा कि अभी तक नहीं, लेकिन कोर्ट चाहे तो मजीठिया को पार्टी बना सकता है। अगली सुनवाई पर यह सीलबंद रिपोर्ट ओपन कोर्ट में खोले जाने के आदेश दे दिए हैं।