कैबिनेट मंत्री के दावे पर यकीं करें तो पंजाब पहला राज्य बन गया है, जहां आधे घंटे में ड्राइविंग लाइसेंस हाथ में होगा। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने ये दावा बठिंडा जिले के गांव मलकपुर ख्याला में सवा एक एकड़ में बने ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का उद्घाटन करने के बाद किया। ट्रैक पर करीब पौने दो करोड़ की लागत आई है। पंजाब के सभी 22 जिला मुख्यालयों व 10 सब डिविजनों में नई तकनीक से ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तैयार किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने जिले के गांव मलकपुर ख्याला में सवा एक एकड़ में करीब पौने दो करोड़ की लागत से बनाए ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का उद्घाटन किया। इसके साथ पंजाब टेस्ट के बाद महज तीस मिनट में ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।
मौके पर ही मिल जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस
अमृतसर में पत्रकारों को संबोधित करतीं हरसिमरत कौर बादल।
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केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के बनने से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की समूची प्रक्रिया एक ही जगह पर मुकम्मल होगी। मौके पर ही लाइसेंस भी जारी किया जाएगा। इस तरह से लोगों के समय की भी बचत होगी। उनको बार बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
हरसिमरत बादल ने कहा कि पंजाब सरकार का राज्य में दो व चार पहिया वाहनों के परेशानी मुक्त प्रशिक्षण एवं लाइसेंस बनाने के इस विशेष प्रोजेक्ट के साथ व्यवस्था में योग्यता के साथ पारदर्शिता भी आएगी। टेस्ट के सख्त मापदंड होने से अयोग्य चालक लाइसेंस प्राप्त करने से वंचित रहेंगे।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के योग्य नेतृत्व व उप मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच की बदौलत यह ऑटोमेटिड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने की योजना तैयार की गई थी। इस मौके पर विधायक मानसा प्रेम मित्तल, उपायुक्त वरिंदर कुमार शर्मा, एसएसपी मुखविंदर सिंह भुल्लर, चेयरमैन जिला योजना कमेटी प्रेम अरोड़ा, मोहनीश कुमार, एडीसी (विकास) हरिंदर सिंह सरां, बलदेव सिंह माखा, हरप्रीत सिंह, करमजीत कौर समाओ मौजूद थे।