स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह की पुत्रवधू मनप्रीत कौर ने बताया कि विगत 15 अगस्त समागम के दौरान स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह का राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए चयन हुआ था। जिसके बाद उन्होंने प्रशासन को फाइल बनाकर भेजने की अपील की थी।
इसके लिए उन्होंने सभी दस्तावेज डीसी दफ्तर की एमई ब्रांच को दे दिए थे। बाद में पटवारी जांच के लिए आए थे और उन्होंने भी जांच में सब कुछ ठीक बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि एमई ब्रांच की ओर से फाइल आगे न भेजे जाने के कारण स्वतंत्रता सेनानी गुरदियाल सिंह राष्ट्रपति से मिलने वाले सम्मान से वंचित रह गए।
हालांकि समागम के दौरान जब उन्होंने सम्मान लेने से इंकार कर दिया तो मंत्री सिंगला ने सम्मान उनकी झोली में रख दिया, जिसे उनके परिवार वालों ने लेने से इंकार करते हुए लौटा दिया। इसके बाद सिंगला ने मौके पर मौजूद डीसी घनश्याम थोरी को तुरंत इसकी जांच करने के आदेश दिए और लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।