नीटू ने आरोप लगाया कि हाइवे पेट्रोलिंग की ड्यूटी कर रहे एएसआई सुखविंदर सिंह ने उसे रोक लिया। इस दौरान एएसआई ने उससे वाहन के कागज व ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने को कहा, जो उसने उन्हें दिखा दिया। इसके बाद एएसआई ने वाहन में भरे मटर व अन्य सब्जी मांगी तो पीड़ित ने कहा कि सब्जी पैक है और आढ़ती ने सब्जी का वजन करके भेजा है, इसलिए वह उन्हें सब्जी नहीं दे सकता।
इस पर भड़के एएसआई ने उसके साथ गाली गलौज शुरू कर दिया। जब पीड़ित ने उन्हें गालियां देने से रोका तो एएसआई व उसके साथ के मुलाजिम ने डंडे से मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने अपना मोबाइल निकाला और फेसबुक पर लाइव वीडियो बनानी शुरू कर दी। इसी दौरान वहां पर राजस्थान से निजी कंपनी की बस आ गई, जिसमें से उतरे ड्राइवर और कुछ लोगों ने पीड़ित को पुलिस कर्मी के चंगुल से छुड़वाया।
इसके बाद पीड़ित ने अपने आढ़ती व यूनियन के मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी और बाद में वह सिविल अस्पताल में आकर इलाज करवाया। अस्पताल प्रशासन ने पीड़ित के दाखिल होने की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद भी कोई पुलिस मुलाजिम पीड़ित के बयान दर्ज करने अस्पताल नही पहुंचा। ट्रैफिक प्रभारी इंस्पेक्टर जसवंत सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वह मामले की जांच करवाएंगे और बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।