जीरकपुर। विकास नगर और आसपास के इलाकों में 10 दिन से जारी पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने मंगलवार को कालका–शिमला हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। महिलाओं और स्थानीय निवासियों के साथ दोपहर बाद करीब 2 बजे खाली बाल्टियां लेकर नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे पर करीब दो किमी तक लंबा जाम लग गया।
स्कूलों की छुट्टी का समय होने के कारण कई बच्चे और अभिभावक भी जाम में फंसे रहे। सड़क पर बैठे लोगों और गुजरने वाले राहगीरों के बीच बहसबाजी के हालात भी बने। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कर कहा कि जब तक सीवरेज विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचेगा, वे हाईवे नहीं खोलेंगे। करीब शाम 4 बजे लोगों ने अस्थायी रूप से जाम खोला। वार्ड-7 की पार्षद शिवानी गोयल और अन्य ने नगर परिषद और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि पानी सप्लाई बहाल करने और समस्या का समाधान करने में देरी हुई तो वे आने वाले दिनों में और तेज आंदोलन करेंगे।
सीवरेज पाइपलाइन बिछाने के काम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नगर परिषद की ओर से चल रहे इस कार्य से पानी की मुख्य पाइपलाइन टूट गई है। इससे पूरे क्षेत्र में पानी की सप्लाई बंद हो गई है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि लोगों को निजी टैंकर मंगवाकर पानी की जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शिकायत करने के बावजूद न तो कोई अधिकारी उनकी समस्या सुनने आया और न ही नगर परिषद जीरकपुर की ओर से एक भी पानी का टैंकर भेजा गया। लोगों ने आरोप लगाया कि अधिकारी दफ्तरों में बैठकर ड्यूटी निभाते हैं, लेकिन जनता की परेशानियों से अनजान बने रहते हैं।
विकास नगर में पानी की पाइपलाइन की मरम्मत का काम चल रहा है, जिसके कारण पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। हम टैंकरों से क्षेत्र में पानी की सप्लाई कर रहे हैं जिसमें करीब 8 से 10 टैंकर प्रतिदिन भेजे जा रहे हैं। उम्मीद है कि अगले दो-तीन दिन में यह समस्या स्थाई तौर पर ठीक हो जाएगी। - परविंदर सिंह भट्टी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद जीरकपुर