एक हाथ में गंगाजल, दूसरे में बेलपत्र, भांग धतुरा और फल फूल से सजा थाल। मन में भोले की अलौकिक छवि और हर हर महादेव की गूंज के साथ उमड़ा भक्तों का सैलाब अंतर आत्मा को रोमांचित कर रहा था। मौका था महाशिवरात्रि पर्व का।
पंचकूला के महादेवपुर स्थित सकेतड़ी मंदिर में सोमवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। हो भी क्यों न 12 साल बाद सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व पड़ा है। पांडव कालिन इस मंदिर में रविवार की रात से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मंदिर का कपाट रात 11 बजे ही श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया था।
सोमवार की अल सुबह श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए उमड़ पड़े। देर शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस मौके पर करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने माथा टेका। पुलिस एवं जिला प्रशासन के अलावा मंदिर प्रबंधन कमेटियों द्वारा मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए थे। श्रद्धालुओं की अपार भक्ति झलक रही थी।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सकेतड़ी मंदिर पहुंचे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराड़ा सकेतड़ी मंदिर में महाशिवरात्रि पर माथा टेकने पहुंचे। उन्होंने करीब 11.30 बजे जलाभिषेक किया। उसके बाद अन्य मंदिरों में पूजा की।
150 क्विंटल दूध प्रसाद के लिए बंदोबस्त किया गया था
शिवरात्रि के दिन मंदिर में शिवलिंग को 150 क्विंटल दूध से चढ़ाया गया। प्रसाद के लिए चालीस हजार केले और 45 बोरी बेर की व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए फल और दूध का छबील लगाया गया था।
35 हजार रुपये के फूलों से सजा मंदिर का मेन द्वार
मंदिर की सजावट के लिए 35 हजार रुपये के फूल मंगवाए गए थे। इन फूलों से मंदिर से लेकर मेन गेट तक फूलों की गुफा बनाई गई थी। वहीं मंदिर से लेकर मंदिर से लगते पहाड़ को भी लाइटों से सजाया गया था।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस बल सेवा दल के करीब 250 से ज्यादा कर्मी मंदिर आसपास के एरिया में तैनात किए गए थे।