जालंधर के दोआबा चौक के पास स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्री देवी तालाब मंदिर में प्रबंधन ने ड्रेस कोड लागू कर दिया है। मंदिर कमेटी के प्रबंधकों ने माथा टेकने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सही वस्त्र पहनकर मंदिर में आने के आदेश पारित कर मंदिर परिसर की दीवार पर चस्पा कर दिए हैं।
मंदिर के प्रबंधकों ने लोगों का ध्यान भटकाने वाले अमर्यादित कपड़े पहनने पर सख्त पाबंदी लगा दी है। प्रबंधकों ने इसकी सूचना मंदिर के मुख्य द्वार पर लगा दी है। इसमें साफ लिखा है कि सभी धर्म प्रेमी महिलाएं एवं पुरुष मर्यादित कपड़े पहनकर ही मंदिर में आएं। छोटे वस्त्र, हाफ पैंट, बरमुडा, मिनी स्कर्ट, कटे-फटे जींस पहनकर मंदिर में न आएं। प्रबंधकों का कहना है कि ऐसे कपड़े पहनकर आने वालों से भावनाएं भी आहत होती हैं। इस मुद्दे पर अभी किसी ने कोई बात नहीं रखी है।
इससे पहले पिछले दिनों पंजाब के प्रसिद्ध श्री काली माता मंदिर में भी ड्रेस कोड लागू किया गया था। हिंदू मंदिरों में ड्रेस कोड की प्रथा दरअसल श्री काली माता मंदिर से ही चली है। पटियाला के श्री काली माता मंदिर में प्रबंधकों ने सबसे पहले मंदिर के बाहर बोर्ड लगाकर ड्रेस कोड लागू किया था और अमर्यादित कपड़े पहनकर मंदिर में आने वालों पर प्रतिबंध लगाया था। श्री देवी तालाब मंदिर प्रबंधक कमेटी के महासचिव राजेश विज ने बताया कि ड्रेस कोड सभी पर लागू होगा। किसी धर्म विशेष या व्यक्ति के लिए नहीं है। श्रद्धाभाव से आने वालों को संस्कारों का भी ध्यान रखना चाहिए।