चंडीगढ़। मास्क नहीं पहनने व सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार डॉ. दविंदर बल्हारा और पत्रकार करमू को बुधवार को जिला अदालत से जमानत मिल गई। शाम करीब साढ़े छह बजे दोनों जेल से बाहर आ गए। हालांकि, सेक्टर-39 थाना के बाहर बुधवार को भी समर्थकों और पुलिसकर्मियों में काफी गहमागहमी रही।
दविंदर बल्हारा के चचेरे भाई अजय बल्हारा ने आरोप लगाया कि सेक्टर-39 थाना पुलिस ने उसे और पत्रकार करमू के भाई धरमू को बात करने के लिए थाने के अंदर बुलाया और हिरासत में ले लिया, जबकि थाने के बाहर उनके साथियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हालांकि, बाद में अजय और धरमू को पुलिस ने छोड़ दिया। सेक्टर-39 थाना प्रभारी का कहना है कि किसी को हिरासत में नहीं लिया गया, न ही लाठीचार्ज किया गया। करमू और दविंदर के समर्थकों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरदस्ती पुलिस बस में बिठाकर दो-दो, तीन-तीन की टुकड़ियों में दूर दूर ले जाकर छोड़ दिया, लेकिन वह फिर वापस आए और करमू और डॉक्टर बल्हारा की जमानत के चलते जिला अदालत के बाहर पहुंच गए। दोनों को जमानत मिलने के बाद शाम करीब साढ़े छह बजे उनके परिजन और समर्थक जेल के बाहर उन्हें लेने के लिए पहुंच गए। डॉक्टर बल्हारा और करमू ने जेल से बाहर आने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि थाने के अंदर उनके साथ क्या-क्या हुआ इस बारे में वह शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताएंगे।
यह है पूरा मामला
सेक्टर-39 थाना पुलिस ने आरोपियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई एसडीएम ऑफिस के एसडीई विवेक नरूला की शिकायत पर हुई है। सोमवार को सेक्टर-37 मार्केट में एसडीएम की टीम कोरोना नियमों की अनदेखी करने वालों का चालान कर रही थी। करमू डॉक्टर दविंदर का साक्षात्कार करने के लिए आया हुआ था। वह दोनों सेक्टर 37 की मार्केट में थे। करमू और डॉ. दविंदर ने मास्क नहीं पहन रखा था। अधिकारियों ने मास्क पहनने को कहा तो दोनों ने इनकार कर दिया। आरोप है कि दोनों ने टीम से अभद्रता भी की। वहीं दोनों की गिरफ्तारी के बाद सेक्टर 39 थाने के बाहर उनके समर्थकों ने नारेबाजी की।