पार्किंग फीस में लूट सिर्फ मॉल व टूरिस्ट प्लेस पर नहीं हो रही, बल्कि पीजीआई की पार्किंग में भी तय रेट से ज्यादा रुपये लिए जा रहे हैं।
दोपहिया वाहन के लिए दो रुपये रेट रखा गया है, लेकिन पार्किंग में मरीजों से पांच रुपये से सात रुपये वसूले जा रहे हैं। जिस मरीज के परिजन जागरूक हैं, वे दो रुपये ही देते हैं।
कार्डियोलॉजी की पार्किंग में आए मरीजों ने बताया कि उनसे रात के वक्त चार रुपये लिए गए। जब सुबह आए तो पांच रुपये वसूले गए। परिजनों को अपने मरीज की चिंता रहती है इसलिए वे पार्किंग वाले से इस बारे में बात नहीं कर पाते और न ही इसकी शिकायत अथॉरिटी से करते।
इसी तरह के हालात पीजीआई की अन्य पार्किंग का भी है। वहां भी तय रेट से ज्यादा रुपये वसूले जा रहे हैं। पीजीआई का कहना है कि इस बारे में उसे शिकायत नहीं मिली है, फिर भी वह जल्द ही इस बारे में कार्रवाई करेगा।
इसी तरह से कार की पार्किंग में भी ज्यादा रुपये लिए जा रहे हैं। पीजीआई की तरफ से ठेका तो दे दिया जाता है, लेकिन उसके बाद न तो चेकिंग होती और न ही छापे की कार्रवाई होती।
मरीजों के परिजनों से वाजिब रुपये नहीं लिए जाने पर वे भी पार्किंग में कार खड़ी न कर नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे अन्य लोगों को परेशानी आती है। पीजीआई की प्रवक्ता ने बताया कि यदि कोई ठेकेदार मनमानी चार्ज वसूल रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदारों को समय-समय चेक किया जाता है।