दोराहा (लुधियाना) गैस लीक हादसे में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से लिए गए स्वत: संज्ञान पर पंजाब सरकार ने अपनी रिपोर्ट वीरवार को हाईकोर्ट में दाखिल कर दी।
जस्टिस एसके मित्तल और जस्टिस हरिंद्र सिंह सिद्धू की डिवीजन बेंच ने सरकार से जवाब तलब करते हुए रिपोर्ट पेश करने को कहा था। अब सरकार की रिपोर्ट रिकार्ड पर लेते हुए डिवीजन बेंच ने बहस करने का निर्देश दिया है। अब केस की सुनवाई मई में होगी।
एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट को पत्र लिखकर मामले में स्वत: संज्ञान लेने की मांग की थी। इसी पत्र को आधार मानकर जनहित याचिका स्वीकार की गई। दोराहा में ओवर ब्रिज के नीचे खड़े एक टैंकर से पिछले साल जून महीने में अमोनिया गैस का रिसाव होने के कारण यह हादसा हुआ था।
हादसे में छह व्यक्तियों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग जहरीली गैस की चपेट में आ गए थे। टैंकर फ्लाई ओवर के नीचे से निकलते समय फंस गया था और टैंकर से गैस लीक होने लगी थी।
पत्र के जरिये हाईकोर्ट से मांग की गई थी कि सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा मापदंडों को लागू करने के उचित कदम उठाए, ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
हाईकोर्ट ने पत्र पर संज्ञान लेते हुए पंजाब सरकार सहित स्वास्थ्य विभाग और लुधियाना के डीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। सरकार ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि घटना के शिकार लोगों को मुआवजा दिया जा चुका है। अन्य नुकसान की भरपाई के प्रयास भी किए गए हैं।