आगामी 27 जुलाई से शुरू होने जा रही पुलिस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले युवाओं को एक विशेष टेस्ट से गुजरना होगा। नशे की चपेट में पंजाब के 70 फीसदी नौजवान आ चुके हैं, पंजाब में नशा बुरी तरह से फैल चुका है...इस दाग को मिटाने के लिए पंजाब पुलिस ने कमर कस ली है।
27 जुलाई से पंजाब भर में शुरू होने जा पंजाब पुलिस की भरती में आने वाले साढ़े छह लाख युवाओं का डोप टेस्ट होगा। यह डोप टेस्ट कोई चिकित्सक या लेबोरेटरी टेक्निशयन नहीं करेंगे अलबत्ता पंजाब पुलिस में तैनात जवानों को सिखाया जा रहा है कि युवाओं का डोप टेस्ट कैसे किया जाना है। इसके लिए ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और यूरिन चेक करने वाले स्टिकस पंजाब पुलिस के पास पहुंच चुकी हैं।
पंजाब पुलिस को पांच तरह की स्टिकस भेजी जा रही हैं, इस पूरे प्रोजेक्ट को बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी हैंडल करेगी और पंजाब भर से आने वाली डोप टेस्ट की रिपोर्ट को वह एक स्थान पर जमा कर रेकार्ड तैयार करेंगे।
दरअसल, इस प्रोजेक्ट का सारा खाका व योजना डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने तैयार की है। उनका कहना था कि पंजाब में नशा तो एक फीसदी से भी कम है लेकिन इसको विरोधियों द्वारा उछाला जा रहा है। इसलिए सरकार भरती के साथ साथ डोप टेस्ट के माध्यम से सर्वेक्षण भी कर लेगी कि पंजाब में नशा कितना है, जब साढ़े छह लाख युवाओं की रिपोर्ट आएगी तो सच सामने आ जाएगा।
टेस्ट के दौरान वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी
हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया
- फोटो : amar ujala
पंजाब पुलिस के कुछ जवान जिनकी भरती प्रकिया में ड्यूटी लगी है, उनको यूरिन टेस्ट करना सिखाया जा रहा है। पांच तरह की स्टिक्स इन मुलाजिमों को दी जाएगी, जो यूरिन में डिप कर तत्काल पता कर लेंगे कि भरती होने के लिए आया नौजवान नशे से ग्रस्त तो नहीं है ? डोप टेस्ट की वीडियोग्राफी भी करवाई जाएगी ताकि बाद में कोई नौजवान यह आरोप न लगा सके कि उसका डोप टेस्ट तो नेगटिव था, उसको कैसे निकाल दिया गया।
डोप टेस्ट पहले ही चरण में किया जाएगा, अगर भरती होने के लिए पहुंचे नौजवान में डोप टेस्ट पॉजिटव आता है तो तत्काल उसको सेहत विभाग के हवाले कर डी-एडीक्शन केंद्र भेज दिया जाएगा। अगर नेगटिव आता है तो वह भरती प्रकिया के दूसरे चरण में पहुंच जाएगा। रोजाना का डाटा हेडक्वार्टर चंडीगढ़ भेजा जाएगा, जहां से बाबा फरीद यूनिवर्सिटी में पहुंच जाएगा।
डोप टेस्ट क्लीयर करने के बाद ही होगी भरती
कमिशनर ऑफ पुलिस अर्पित शुक्ला का कहना है कि हमारी तैयारी पूरी हो चुकी है। मुलाजिमों को चेक करने की तकनीक समझा दी गई है और वह ट्रेनिंग ले चुके हैं। भरती होने वाले युवा में अगर डोप पॉजिटव आता है तो उसको तत्काल रिजेक्ट कर सेहत विभाग के पास भेज दिया जाएगा। हमने इसके लिए पूरी वीडियोग्राफी करने का इंतजाम किया हुआ है।