चंडीगढ़। गुरु का महत्व हमारे जीवन में भगवान जैसा है। हमें यह समझना चाहिए कि गुरु के रूप में हमें गोविंद ही मिले हैं। यह प्रवचन सेक्टर 34 के मेला ग्राउंड में ओम महादेव कांवड़ सेवादल की ओर से आयोजित शिव महापुराण में कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथा व्यास चित्र विचित्र ने दिया। उन्होंने कहा कि हम छोटे छोटे उपलब्धियों पर अभिमानी हो जाते हैं। हमें अभिमानी नहीं होना चाहिए।
शरणागत का उत्तम लक्षण तो यही बताया गया है कि भजन और गुरु सेवा में किसी एक वस्तु को चुनना है तो शिष्य को गुरु सेवा ही चुनना चाहिए। बिना सेवा के भजन सिद्ध नहीं हो सकता। समस्त भजन का फल है जीव के अंदर सेवा भाव की जागृति हो जाए। मेयर सौरभ जोशी कथा में पहुंचे।
संस्था के पदाधिकारी हनी गुलाटी ने बताया कि यह कथा 14 फरवरी तक चलेगी। 15 फरवरी शिवरात्रि के दिन कन्याओं का सामूहिक विवाह होगा।