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टीचर भर्ती घोटाला: चौंकाने वाला खुलासा, पंजाबी नहीं आती फिर टॉपर कैसे?

Thu, 10 Nov 2016 12:50 AM IST
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : Demo Pic
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टीचर भर्ती घोटाले में पुलिस के सामने कुछ चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। परीक्षा टॉप करने वाले टॉप 100 कैंडीडेट्स में से 85 हरियाणा के हैं। अधिकतर टॉपर सोनीपत, रेवाड़ी, रोहतक और भिवानी से हैं। शेष 15 टॉपर पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश से हैं। सबसे खास बात यह है कि इन टॉपर्स को पंजाबी लिखनी और पढ़नी तक नहीं आती, इसके बावजूद इन्होंने परीक्षा में 175 में से 160 नंबर तक हासिल किए हैं। 
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सूत्रों के अनुसार, मामले में बृजेंद्र नैन की गिरफ्तारी के बाद उसने पूछताछ में कई टीचरों के नाम का खुलासा किया था। पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। वहीं पुलिस ने दूसरी ओर टॉप 100 कैंडीडेट और पूछताछ में सामने आए नामों की आंसर शीट मंगवाई। इनकी जांच की गई तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 

जांच में पता चला कि परीक्षा के टॉप 100 अभ्यर्थियों में से 85 हरियाणा के अलग-अलग जिलों से हैं। वहीं इन 85 टीचरों में से 25 ने तो पंजाबी के एक भी सवाल का जवाब तक नहीं दिया है। इसके बावजूद उनके 175 में से 150 से लेकर 160 तक नंबर आए हैं। इन टॉप 100 कैंडीडेट्स में से कई इस समय नौकरी भी कर रहे हैं। पुलिस इनमें से कुछ से पूछताछ कर चुकी है, वहीं कई अन्य से आने वाले दिनों में पूछताछ की तैयारी कर रही है। पुलिस करीब 25 ऐसे टीचरों की पहचान कर चुकी है। आने वाले दिनों में शायद इनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। 
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नहीं दिए जवाब, फिर भी 175 में से 160 तक हासिल किए नंबर

- फोटो : demo pic
यह है मामला
यूटी विभाग ने पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी की भर्ती पिछले साल की थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे।

पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने रिपोर्ट बनाकर यूटी प्रशासन व पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार को दिया गया है। एसआईटी ने सबसे पहले पंजाब विजिलेंस से गिरफ्तार किए गए आरोपी दिनेश कुमार यादव को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर उसका चार दिन का रिमांड लिया था। इसके बाद पुलिस टीम ने 1 नवंबर को सहआरोपी सोनीपत निवासी बृजेंद्र नैन को भिवानी से गिरफ्तार किया था। 
 
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