स्पेशल कैडर को सीएम ने दी मंजूरी, डॉक्टरों को जानकारी नहीं
खास बात ये है कि स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी विशेषज्ञों के लिए अलग कैडर बनाने को मंजूरी दे दी है। लेकिन इसका न तो एसोसिएशन को पता है और न ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों को मनाने का प्रयास किया गया। कैडर के लिए शर्तें और नियमों को लेकर भी डॉक्टरों में संशय बरकरार है।
एचसीएमएसए की ये हैं मांगें
- विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग कैडर बनाया जाए। दो साल पहले सीएम घोषणा भी कर चुके लेकिन लागू नहीं हुआ।
- सर्विस में रहते पीजी (पोस्ट ग्रेजुएट) करने के लिए एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। पहले की तरह यह राशि 50 लाख रुपये की जाए।
- सीधी भर्ती न करके पदोन्नति के माध्यम से सीनियर मेडिकल ऑफिसर बनाए जाएं।
यहां फंसा है पेंच
- सीनियर मेडिकल ऑफीसर की सीधी भर्ती नहीं करने के मामले को लेकर पेंच फंसा है। इसमें कई तकनीकी और कानूनी बाधाएं हैं।
- बांड राशि एक करोड़ रुपये से 50 लाख रुपये करने के लिए भी सरकार तैयार नहीं हो रही है।
जहां तक विशेषज्ञों के लिए अलग कैडर बनाने की बात है तो इसके लिए मैंने फाइल मंजूर करके सीएम आफिस भेज दी थी। सीएम की तरफ से भी इसको मंजूरी दे दी गई है। शेष मांगों को लेकर विचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव को डॉक्टरों से बात करने के लिए कहा गया है। अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा।
हमें मजबूरी में ओपीडी बंद करने का फैसला लेना पड़ा। अब हमारे पास कोई रास्ता नहीं बचा है। जब सुनवाई नहीं होगी तो कड़े फैसले लेने पड़ेंगे। हम अपनी मांगों पर अडिग हैं और लड़ाई आर-पार की होगी। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 29 को आपात सेवाएं भी बंद करेंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी। - डॉ. राजेश ख्यालिया, राज्य प्रधान, एचसीएमएसए।
कल नर्सिंग स्टाफ का दो घंटे वर्क सस्पेंड
डॉक्टरों के अलावा प्रदेशभर के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कालेजों का नर्सिंग स्टाफ कैडर बदलाव और अन्य मांगों को लेकर गुरुवार को दो घंटे का वर्क सस्पेंड रखने का एलान कर चुका है। सुबह 10 से 12 बजे तक नर्सिंग स्टाफ काम नहीं करेगा। हालांकि, बुधवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. आरएस पूनिया ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया है। अंतिम निर्णय बैठक में होगा।