हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (एजसीएमएस) के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर सिविल अस्पताल के इमरजेंसी और ओपीडी के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इस दौरान इमरजेंसी पूरे दिन बंद रही।
पीजी करने के लिए डॉक्टरों को एक करोड़ का बॉन्ड 50 लाख से कम किया जाए
एसएमओ की सीधी भर्ती नहीं की जाए
डॉक्टरों को एसीपी और भत्ते केंद्र सरकार के बराबर मिले
विशेषज्ञ डॉक्टरों का अलग से कैडर बनाया जाए
डॉ. मंदीप सिंह ने बताया कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विधानसभा में अलग से कैडर बनाने की घोषणा की थी। सरकार से अप्रूवल मिलने के बाद भी यह फाइल अफसरों की टेबल पर घूम रही है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष राजेश ख्यालिया ने कहा कि हमारी मांग नहीं मानी गई है। इस कारण अनिश्चितकानीन धरने पर जा रहे हैं।
पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 में एमडी मेडिसिन, यूरोलॉजी विभाग, स्किन, अर्थोपेडिक्स, मनोरोग विभाग चेस्ट एंड टीबी, गायनी, सर्जरी, कैंसर ओपीडी में डॉक्टर नहीं बैठे। इस दौरान लोगों को इलाज के दौरान जांच में भी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान डॉक्टरों की ओर से हड़ताल की जानकारी पहले भी दी जा चुकी है। यह हड़ताल कालका, पिंजौर, बरवाला, मोरनी, रायपुररानी सहित सभी जगह रही।