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सलाम: हरियाणा के गांवों में कोविड को काबू करने में डॉक्टरों ने झेली मुश्किलें, डाटा रिपोर्टिंग प्रक्रिया में लगा काफी समय 

Fri, 01 Oct 2021 12:07 PM IST
निवेदिता वर्मा यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने सरकार से सिफारिश की है कि ग्राम आइसोलेशन सेंटर में स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और मरीजों का दाखिला अगर जरूरी हो तो उसके लिए एक मजबूत और संपूर्ण एप विकसित करने की आवश्यकता है।
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कोरोना सैंपलिंग - फोटो : फाइल
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विस्तार
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हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड महामारी पर काबू पाने के लिए डॉक्टरों को खूब मशक्कत करनी पड़ी। डाटा रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में काफी समय लगा। डाटा के विस्तृत आंकलन के लिए गांवों में गईं टीमें सिविल सर्जनों से मिलने वाले सकारात्मकता दर के आंकड़ों पर निर्भर थीं।

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स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को सौंपी अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में इसका जिक्र किया है। संस्थान ने स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, ट्रीटमेंट के दौरान सामने आई चुनौतियां बताने के साथ ही भविष्य के लिए अपने सुझाव भी दिए हैं। यह रिपोर्ट बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा और संस्थान की निदेशक डॉ. ऊषा गुप्ता ने विज के सुपुर्द की है।

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रिपोर्ट के अनुसार गांवों में कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए हरियाणा ग्रामीण सामान्य स्वास्थ्य जांच योजना शुरू की गई। इस कार्यक्रम को तेज गति से शुरू किया गया लेकिन, जमीनी स्तर पर पर्याप्त तैयारी न होने से डाटा रिपोर्टिंग प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में कुछ समय लगा। टीमें डाटा का विस्तृत विश्लेषण सभी सिविल सर्जनों से ग्रामवार पॉजिटिविटी रेट लेने के बाद ही कर पाईं। शुरू में रोगियों को केवल आवश्यक एलोपैथिक दवाएं ही प्रदान की जा सकती थीं। होम आइसोलेशन किट खरीद प्रक्रिया के कारण कार्यक्रम लागू होने के कुछ दिनों बाद बांटी जा सकीं।

स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर ने सरकार से सिफारिश की है कि ग्राम आइसोलेशन सेंटर में स्क्रीनिंग, टेस्टिंग और मरीजों का दाखिला अगर जरूरी हो तो उसके लिए एक मजबूत और संपूर्ण एप विकसित करने की आवश्यकता है। इससे डाटा संग्रह और आगे के विश्लेषण की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित और मानकीकृत किया जा सकेगा। चूंकि, गांवों में कोविड जांच के दौरान प्रभावी डाटा रिपोर्टिंग और आंकड़ों के पर्याप्त संग्रह की कमी महसूस की गई, अगर विभाग को कोई ऐप होता तो आंतरिक रूप से एक टीम दूसरी को अपने क्षेत्र में मामलों के प्रसार से तुरंत अवगत करा सकती थी।

6905 टीमों ने की ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच

  • 15 मई से 8 जून 2021 के बीच सर्वे किया गया
  • 35 लाख 13 हजार 785 घरों तक पहुंची
  • 1 करोड़ 73 लाख 79 हजार 228 लोगों की स्क्रीनिंग की
  • 1 लाख 31 हजार 635 लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया, 3744 लोग संक्रमित पाए गए। हिसार, भिवानी, करनाल, सिरसा, रोहतक, सोनीपत, कुरुक्षेत्र व अंबाला जिले में सबसे अधिक मरीज मिले।
  • 65856 लोगों का आरटी-पीसीआर टेस्ट किया, 1420 संक्रमित मिले। कुरुक्षेत्र, हिसार, करनाल, सिरसा जिला में अधिक कोविड मरीज पाए गए।
  • गांवों में कोरोना की कुल सकारात्मकता दर 2.61 रही

कोविड के खिलाफ अभी अभियान जारी : मनोहर लाल

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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि कोविड महामारी अभी खत्म नहीं हुई है। इसके खिलाफ सरकार का अभियान जारी है। हरियाणा ग्रामीण सामान्य स्वास्थ्य जांच योजना भविष्य में इस महामारी के खिलाफ कारगर हथियार साबित होगी। इसके तहत न केवल पीएचसी, सीएचसी व अस्पतालों में उपकरणों, दवाइयों, स्टाफ इत्यादि की पर्याप्त व्यवस्था की है, बल्कि गांवों तक आइसोलेशन केंद्र स्थापित कर दिए हैं।

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