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नियम : चंडीगढ़ में तीन साल का डेपुटेशन समय मनमानी : हरियाणा के डाॅक्टर 20 साल बाद भी जमे हुए

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नियमों के खिलाफ यूटी प्रशासन की ओर से लगातार दी जा रही एक्सटेंशन
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हरियाणा के नए डाॅक्टरों को नहीं मिल रहा डेपूटेशन पर आने का मौका
डाॅक्टर दंपति ने यूटी और हरियाणा सरकार को लिखा शिकायत पत्र

चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में तीन साल के लिए डेपुटेशन पर आए हरियाणा के डाॅक्टर 20 साल बाद भी अपने राज्य में वापस नहीं आए हैं। विशेष केस में डाॅक्टर 7 सात साल तक डेपूटेशन पर रह सकते थे। लेकिन नियमों को ताक पर रखकर इनकी सेवाएं 5 से 20 साल तक बदस्तूर जारी हैं। यूटी प्रशासन की ओर से हर साल इनकी सेवाओं को एक्टेंशन दी जा रही है। इनमें 7 सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ), 19 मेडिकल ऑफिसर (एमओ) और 2 डेंटल सर्जन शामिल हैं। इस संंबंध में हरियाणा के डाॅक्टर दंपति ने यूटी और हरियाणा सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी शिकायत पत्र लिखा है। डाॅक्टर दंपति की मांग है कि नियमों से अधिक समय से डेपूटेशन पर बैठे डाॅक्टरों को वापस प्रदेश में भेजा जाए, ताकि नए डाॅक्टरों को भी चंडीगढ़ में सेवा का मौका मिल सके। गौरतलब है कि चंडीगढ़ यूटी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्यों से डेपुटेशन पर डाॅक्टरों को बुलाया जाता है। नियमों के तहत डाॅक्टर तीन साल तक डेपुटेशन पर रह सकते हैं, लेकिन विशेष केसों में डेपुटेशन पीरियड का समय पांच से सात साल हो सकता है।

विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी : खुल्लर
चंडीगढ़ यूटी प्रशासन की ओर से फरवरी 2022 में पाया कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के 112 डाॅक्टर्स का डेपुटेशन पीरियड तय अवधि से अधिक हो गया था। इसके बाद इन डाॅक्टरों को वापस उनके प्रदेश भेजने के आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके, अब भी काफी संख्या में ऐसे डाॅक्टर हैं, जिनका एक्सटेंशन लगातार बढ़ाया जा रहा है। इस बारे में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की महानिदेशक डाॅ. सोनिया त्रिखा खुल्लर का कहना है कि इस बारे में विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। साथ ही चंडीगढ़ के अधिकारियों से भी संपर्क किया जाएगा। तथ्यों को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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एसएमओ डेपूटेशन तिथि
डाॅ. मोनिका धीर 1-8-2004
डाॅ. अर्पणा शर्मा 9-3-2006
डाॅ. नीरज धवन 16-6-2004
डाॅ. सभ्यता शर्मा 9-6-2006
डाॅ. मंजीत सिंह 2-3-2005
डाॅ. कुलबीर सिंह 9-6-2009
डाॅ. वंदना मदान 9-4-2008


मेडिकल ऑफिसर डेपुटेशन तिथि
डाॅ. जया जेटली 31-3-2006
डाॅ. हरलीन कौर 14-8-2007
डाॅ. मीनाक्षी 1-11-2007
डाॅ. विजय कुमार 25-11-2008
डाॅ. अंजू वर्मा 25-11-2008
डाॅ. रंजना मेहता 27-11-2008
डाॅ. सर्वदीप कौर 1-11-2008
डाॅ. पूर्णिमा 17-7-2012
डॉ. शशि बाला 17-7-2012
डाॅ. कपिश गुप्ता 24-7-2012
डाॅ. सविता राठी 20-7-2013
डाॅ. मनीष चुघ 23-72013
डाॅ. दीक्षा मलिक 1-14-2014
डाॅ. श्वेता गुप्ता 16-4-2014
डाॅ. मधु सभ्रवाल 16-4-2014
डाॅ. उपमा कौशल 16-4-2014
डाॅ. गुरमन सिंह 24-9-2014
डाॅ. सीमा मलिक 10-2-2018
डाॅ. पवन मित्तल 18-9-2019

डेंटल सर्जन
डाॅ. शैफाली 29-1-2008
डाॅ. रुपम 11-11-2008


नए डाॅक्टरों को मौका देने की मांग
हरियाणा के डाॅ. नरेंंद्र सिंह और डाॅ. ममता ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है। डाॅक्टर दंपति का आरोप है कि डेपुटेशन मामले में यूटी प्रशासन मनमर्जी कर रहा है। बिना राज्यों की संस्तुति के ही डाॅक्टरों का डेपुटेशन समय बढ़ाया जा रहा है। इस संबंध में डाॅक्टर दंपति ने पीएमओ, हरियाणा के सीएम और यूपी प्रशासन को लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही पत्र के साथ तमाम दस्तावेज भी सौंपे हैं। डाॅक्टर दंपति ने मांग की है कि इस संबंध में जांच कराई जाए और समय पूरा करने वाले डाॅक्टरों को वापस भेजा जाए और नए डाॅक्टरों को यूटी में जाने का मौका दिया जाए।
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