पीजी छात्र की आत्महत्या के बाद गहराए विवाद के बीच शिशु रोग विभाग की एचओडी के घर के बाहर किसी शरारती तत्व ने आपत्तिजनक शब्द लिखकर मामले को और भड़काने का प्रयास किया है। एचओडी की नेम प्लेट पर किलर, मर्डरर सरीखे शब्द लिख दिए। हालांकि इस समय घर पर ताला लगा है। सोमवार को सुबह से न ताला खुला है न दरवाजे में फंसे समाचार पत्र उठाए गए हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है।
हड़ताल समाप्त से पहले लीगल एडवाइजर से की बात
विजय पार्क में हड़ताल पर बैठे पीजी विद्यार्थियों ने सोमवार को लीगल एडवाइजर से सलाह ली। हड़ताल से पूर्व पार्क पहुंचे लीगल एडवाइजर ने उन्हें कुछ जरूरी व तकनीकी जानकारी दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने हड़ताल समाप्ति का मन बनाया।
ये मांगों मानी गईं
- मानसिक उत्पीड़न रोकने को कदम उठाए जाएंगे।
- उत्पीड़न को लेकर ग्रीवांस रिड्रेसल सेल बनाई जाएगी।
- सेल में एक जूनियर व एक यूजी छात्र रहेगा।
- जान देने वाले विद्यार्थी के परिवार को दी जाएगी मदद।
- निष्पक्ष और जल्दी एसआईटी जांच को लेकर एसपी को पत्र लिखा जाएगा।
- मुआवजे के लिए सीएम व वित्त मंत्री से बात की जाएगी।
आरडीए की चार दिन से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। हमारी मांगें मान ली गई हैं। इसके लिए अधिकारियों का आभार जताते हैं। मानसिक उत्पीड़न संबंधी समस्या के समाधान को लेकर सरकार जल्द नियम व कानून बनाए। परिषद धन संग्रह अभियान चलाएगी। इसके जरिए जुटाई राशि डॉ. ओंकार के परिजनों को दी जाएगी। - डॉ. लखविंदर लोहानी, महानगर मंत्री, एबीवीपी।
पीजी विद्यार्थियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। सभी काम पर लौट आए हैं। इनकी ग्रीवांस रिड्रेसल सेल बना दी गई है। थीसिस संबंधी मामले का भी समाधान कर दिया गया है। एफआईआर का भी समाधान किया जाएगा। - प्रो. ओपी कालरा, कुलपति, हेल्थ यूनिवर्सिटी।