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डॉ. ओंकार आत्महत्या प्रकरण: छह मांगें मानीं तो 96 घंटे बाद काम पर लौटे 400 रेजिडेंट डॉक्टर

Tue, 18 Jun 2019 01:57 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
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रोहतक पीजीआई में प्रदर्शन करते रेजिडेंट डॉक्टर्स (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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पीजीआईएमएस में डॉक्टर ओंकार के आत्महत्या मामले को लेकर शुरू हुई रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल सोमवार रात दस बजे समाप्त हो गई। हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. ओपी कालरा ने रेजिडेंट डॉक्टरों की सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। उसके बाद करीब 96 घंटे तक चली डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त हो गई। 

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इसके बाद करीब 400 हड़ताली डॉक्टरों ने इमरजेंसी समेत विभिन्न वार्डों में पहुंच कर अपनी ड्यूटी संभाली। इससे पूर्व वीसी कार्यालय में देर शाम हेल्थ यूनिवर्सिटी प्रशासन व हड़ताली विद्यार्थियों के बीच करीब तीन घंटे बातचीत चली। उसके बाद समाधान निकला। याद रहे कि सोमवार को चौथे दिन भी पीजी विद्यार्थी हड़ताल पर अड़े रहे। 

दिनभर विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर पीजीआई प्रशासन को कोसते रहे। शाम करीब करीब छह बजे विद्यार्थियों को हेल्थ यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. ओपी कालरा ने बातचीत के लिए बुलाया। यहां विवि पदाधिकारियों के अलावा पीजीआई प्रशासन भी मौजूद रहा। इनके बीच करीब तीन घंटे बहस चली। 
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रात करीब नौ बजे विवि प्रशासन ने उनकी प्रमुख मांगें मानने का मौखिक आश्वासन दिया तो सभी मान गए। इसके बाद वीसी ने विजय पार्क में हड़ताली विद्यार्थियों के बीच जाकर फैसला सुनाया। उनके साथ रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल, पीजीआई निदेशक डॉ. रोहताश यादव, डेंटल कॉलेज प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी आदि मौजूद रहे। 

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एचओडी की नेम प्लेट पर लिखा किलर

पीजी छात्र की आत्महत्या के बाद गहराए विवाद के बीच शिशु रोग विभाग की एचओडी के घर के बाहर किसी शरारती तत्व ने आपत्तिजनक शब्द लिखकर मामले को और भड़काने का प्रयास किया है। एचओडी की नेम प्लेट पर किलर, मर्डरर सरीखे शब्द लिख दिए। हालांकि इस समय घर पर ताला लगा है। सोमवार को सुबह से न ताला खुला है न दरवाजे में फंसे समाचार पत्र उठाए गए हैं। रेजिडेंट डॉक्टरों ने इस बारे में अनभिज्ञता जाहिर की है। 

हड़ताल समाप्त से पहले लीगल एडवाइजर से की बात
विजय पार्क में हड़ताल पर बैठे पीजी विद्यार्थियों ने सोमवार को लीगल एडवाइजर से सलाह ली। हड़ताल से पूर्व पार्क पहुंचे लीगल एडवाइजर ने उन्हें कुछ जरूरी व तकनीकी जानकारी दी। इसके बाद विद्यार्थियों ने हड़ताल समाप्ति का मन बनाया। 

ये मांगों मानी गईं 
- मानसिक उत्पीड़न रोकने को कदम उठाए जाएंगे।
- उत्पीड़न को लेकर ग्रीवांस रिड्रेसल सेल बनाई जाएगी।
- सेल में एक जूनियर व एक यूजी छात्र रहेगा। 
- जान देने वाले विद्यार्थी के परिवार को दी जाएगी मदद।
- निष्पक्ष और जल्दी एसआईटी जांच को लेकर एसपी को पत्र लिखा जाएगा। 
- मुआवजे के लिए सीएम व वित्त मंत्री से बात की जाएगी।

आरडीए की चार दिन से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। हमारी मांगें मान ली गई हैं। इसके लिए अधिकारियों का आभार जताते हैं। मानसिक उत्पीड़न संबंधी समस्या के समाधान को लेकर सरकार जल्द नियम व कानून बनाए। परिषद धन संग्रह अभियान चलाएगी। इसके जरिए जुटाई राशि डॉ. ओंकार के परिजनों को दी जाएगी।  - डॉ. लखविंदर लोहानी, महानगर मंत्री, एबीवीपी।

पीजी विद्यार्थियों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। सभी काम पर लौट आए हैं। इनकी ग्रीवांस रिड्रेसल सेल बना दी गई है। थीसिस संबंधी मामले का भी समाधान कर दिया गया है। एफआईआर का भी समाधान किया जाएगा। - प्रो. ओपी कालरा, कुलपति, हेल्थ यूनिवर्सिटी।
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