केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए जिन बिंदुओं का अवलोकन करने के लिए कहा है अब डीएमआरसी (दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन) उसका विस्तृत प्लान तैयार करेगी। प्लान तैयार होने के सप्ताह भर बाद दोबारा से यूटी प्रशासन, पंजाब, हरियाणा और डीएमआरसी के अधिकारी इस मुद्दे पर बैठक करेंगे। मीटिंग में सहमति बनते ही रिपोर्ट एमओयूडी को भेजी जाएगी।
सोमवार को यूटी सचिवालय में एडवाइजर परिमल राय की अध्यक्षता में यूटी, पंजाब, हरियाणा और डीएमआरसी के अधिकारियों की बैठक हुई। इस दौरान मंत्रालय के पूछे गए बिंदुओं पर चर्चा हुई। इसके बाद डीएमआरसी ने प्लान तैयार करने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। इससे पहले एमओयूडी ने प्रशासन से सात बिंदुओं का अवलोकन कर रिपोर्ट मांगी थी। इसमें प्रॉपर्टी डेवलपमेंट प्लान और फाइनेंस मुख्य बिंदु थे। मेट्रो कॉरिडोर के आस-पास की जमीन पर डेवलपमेंट कैसे होगी।
फ्लोर एरिया रेशो कितना होगा। कॉरिडोर के आसपास की जमीन की अलॉटमेंट किस आधार पर होगी। साथ ही वित्तीय मामले से कैसे निपटा जाएगा। प्रशासन अपने हिस्से का बजट कहां से लाएगा। मेट्रो को लेकर तैयार किए जाने वाले स्पीड कॉरिडोर कैसे होंगे और ट्रैक स्पीड क्या होगी। इस तरह के सवाल भी किए गए थे। शहरवासियों पर लगाए जाने वाले मेट्रो सेस के बारे में भी जानकारी मांगी थी। इन सभी बिंदुओं पर सोमवार को अधिकारियों की मीटिंग हुई। इसमें प्लान तैयार कर सप्ताह बाद दोबारा मीटिंग बुलाई गई है।
अब आगे क्या अगली मीटिंग के बाद प्रशासन सभी बिंदुओं की अवलोकन रिपोर्ट मंत्रालय के पास भेजेगा। इसके बाद मंत्रालय ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा। मेट्रो का पूरा काम ग्रेटर चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (जीसीटीसी) देखेगी। अधिसूचना के बाद जीसीटीसी कंपनी के एमडी से लेकर पूरा स्टाफ नियुक्त होगा। कंपनी का अलग से खाता होगा। जिसमें बजट आएगा।
प्रोजेक्ट में देरी से बजट में बढ़ोतरी पहले ही यह प्रोजेक्ट चार साल की देरी के कारण तीन हजार करोड़ महंगा हो गया है। सबसे पहले प्रशासन ने 2012 में मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार की थी, जो 10,900 करोड़ की थी। अब प्रोजेक्ट 13,909 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। जितनी देरी होगी, बजट उतना बढ़ता जाएगा।
यह है संशोधित डीपीआर संशोधित डीपीआर के अनुसार मेट्रो पर 2016 से काम शुरू होना है, जिसे 2021 तक खत्म करना होगा। मेट्रो के चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में कुल 30 स्टेशन होंगे। इनमें 19 स्टेशन एलिवेटेड होंगे और 11 अंडरग्राउंड। मेट्रो की गति 80 से 85 किमी. प्रतिघंटे होगी। तीनों शहरों में मेट्रो रूट को दो गलियारों में बांटा गया है। एक गलियारा 25.07 किमी और दूसरा 12.49 किमी का होगा। मेट्रो ट्राइसिटी में 37 किमी के रूट पर दौड़ेगी।