शहरवासियों को एक बार फिर से कई साल बाद फेस्टिवल सीजन में शॉपिंग के साथ लकी ड्रॉ का मौका मिलने जा रहा है। इसके साथ ही हर त्योहार का अलग से ड्रॉ निकाला जाएगा। आठ सालों बाद शहर में फिर दीपावली शॉपिंग फेस्ट शुरू होने वाला है।
सेक्टर-22 डी में शहर का सबसे बड़ा शॉपिंग फेस्ट लगेगा। शोरूम मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है, तो पुलिस विभाग ने क्लीरियंस और प्रशासन ने मंजूरी दे दी है।
मार्केट एसोसिएशन के इस प्रस्ताव पर नगर निगम को अभी निर्णय लेना है। साल 2006 तक सेक्टर-22 और 17 में इस तरह के मेले फेस्टिवल सीजन में लगते थे। सेक्टर-22 शहर का मुख्य बाजार है।
यहां ट्राइसिटी से लोग शापिंग के लिए आते हैं। व्यापारियों ने फेस्टिव ड्रॉ में 20 से 25 लाख रुपये तक के इनाम निकालने का प्रस्ताव तैयार किया है। बम्पर इनाम के रूप में तीन कारें होंगी।
22 सितंबर से होगी शुरुआत
व्यापारियों ने इस फेस्ट को 22 सितंबर से शुरू करने की योजना बनाई है। यह 15 दिसंबर तक चलेगी। इसके उद्घाटन और समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद जैन ने बताया कि 22 सितंबर से 15 दिसंबर तक ड्रॉ की स्कीम चलेगी।
इस दौरान खरीददारों को कूपन दिए जाएंगे। पिछले कई साल से यह फेस्ट बंद था। इसके बावजूद ग्राहक फेस्टिवल सीजन में ड्रॉ के बारे में पूछते थे। इस फेस्ट के उद्घाटन समारोह में प्रशासक शिवराज पाटिल से मुख्य अतिथि के तौर पर आने के लिए समय मांगा जाएगा।
एक से तीन हजार की शॉपिंग पर कूपन
शोरूम मार्केट एसोसिएशन ने एक हजार रुपये की सामान्य वस्तुएं खरीदने पर एक कूपन देने का प्रस्ताव तैयार किया। इसी प्रकार ज्वेलर्स तीन हजार रुपये के सोने के आभूषण खरीदने पर एक कूपन देंगे। मालूम हो कि साल 2006 तक इस ड्रॉ के लिए शहरवासियों में जबरदस्त क्रेज था।
सेक्टर-17 में भी लगता था फेस्ट
सेक्टर-22 के अलावा सेक्टर-17 में भी फेस्टिवल सीजन में शॉपिंग फेस्ट लगता था। अब यहां पर बड़ी-बड़ी कंपनियों ने अपनी फ्रेंचाइजी आउटलेट खोल दिए है। यह कंपनियां ड्रॉ स्कीम में भाग नहीं लेती हैं।
सेक्टर-17 की ट्रेडस एसोसिएशन के महासचिव जेपीएस कालरा ने बताया कि प्लाजा सिटी का हार्ट है। यहां फेस्टिवल सीजन में प्रशासन के टूरिज्म विभाग को व्यापारियों के साथ मिलकर कार्यक्रम करने चाहिए।
इसलिए बंद हुए थे मेले
सेक्टर-22 और 17 में दीपावली ड्रॉ मेले नगर निगम के कारण बंद हुए थे। उस समय नगर निगम ने इस बाजार के व्यापारियों की एसोसिएशन से गिफ्ट्स के प्रदर्शन के लिए ग्राउंड रेंट लेने का प्रस्ताव तैयार किया था। इसके बाद एसोसिएशनों ने दीपावली मेले का आयोजन बंद कर दिया था।