गौरतलब है कि राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री से सरकार के विभिन्न कार्यों की बार-बार जानकारी मांगे जाने और राज्य सरकार के कई फैसलों को खारिज किए जाने से दोनों के बीच उपजा विवाद पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जब राज्यपाल ने मुख्यमंत्री द्वारा उन्हें लिखे गए एक पत्र को असांविधानिक और अपमानजनक करार देते हुए कानूनी राय लेने की बात कही और कानूनी राय लिए जाने तक विधानसभा का बजट सत्र बुलाने की अनुमति देने से इन्कार कर दिया।
दोनों नेताओं के बीच पिछले साल से चल रही खींचतान जनवरी में उस समय तीखी हो गई जब राज्यपाल द्वारा कुछ मामलों की जानकारी मांगे जाने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें पत्र लिखकर साफ कर दिया कि वह तीन करोड़ पंजाबियों के प्रति जवाबदेह हैं, न कि केंद्र द्वारा चुने गए किसी व्यक्ति (राज्यपाल) के। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल की नियुक्ति की वैधता और योग्यता पर भी सवाल उठाए थे।
मुख्यमंत्री-राज्यपाल में शीतयुद्ध पंजाब के लिए अच्छा नहीं: वड़िंग
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि प्रदेश के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच जारी 'शीत युद्ध' समाप्त होता नहीं दिख रहा है और यह राज्य के लिए अच्छा नहीं है। विधानसभा के बजट सत्र के उद्घाटन अवसर पर शुक्रवार को हुए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वड़िंग ने कहा कि राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और उनकी सरकार के लिए अपनी भावनाओं को कहीं नहीं छिपाया।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने जिस तरह आप सरकार पर कटाक्ष किया, उससे दोनों के बीच शीतयुद्ध और तेज होने की संभावना है, जैसा कि विधानसभा में शुक्रवार को कार्यवाही के दौरान संकेत मिले हैं। वड़िंग ने कहा कि ऐसे मामलों को दोनों को परस्पर सुलझा लेना चाहिए। अगर मुख्यमंत्री की फिर किसी मांग को राज्यपाल खारिज कर देते हैं तो पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल द्वारा उठाए गए सवाल अब तक अनुत्तरित हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आपने राज्यपाल को फटकार लगाई होगी, जो गलत था लेकिन पंजाब के लोग, जिनके प्रति आप जवाबदेह होने का दावा करते हैं, अभी भी आपके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।