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हंगामे की भेंट चढ़ गई नगर निगम हाउस मीटिंग

Fri, 27 Jun 2014 10:48 AM IST
रवि अटवाल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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भाजपा व कांग्रेस पार्षदों की जिद के कारण नगर निगम सदन की बैठक एक बार फिर स्थगित कर दी गई। ढाई घंटे तक सिर्फ यही बहस चलती रही कि पिछली बैठक वैध थी या नहीं। मेयर व कांग्रेस पार्षद नए सिरे से बैठक करना चाहते थे, लेकिन भाजपा पार्षदों ने हर बार विरोध जताया।
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भाजपा पार्षदों का कहना था कि जब बुधवार को एक बार एजेंडे पास हो गए हैं तो उन पर दोबारा चर्चा की क्या जरूरत है। दोनों तरफ से कोई झुका नहीं और आखिर में हंगामे के चलते बैठक खत्म कर दी गई।

इस दौरान विकास के कई एजेंडे तो रुके ही साथ ही फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की इंश्योरेंस, कुत्तों की समस्या और वाटर ऑडिट जैसे अहम प्रस्ताव भी अधर में लटक गए। गौरतलब है कि बीते बुधवार को दो कांग्रेसी पार्षद चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद को उनके ऑफिस में बंद कर बाहर धरने पर बैठ गए थे। मेयर और बाकी अफसर उनका विवाद सुलझाने में लगे रहे।
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पीछे से भाजपा पार्षदों ने एक तिहाई सदस्यों की मौजूदगी में सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी को मेयर की कुर्सी पर बैठाकर हाउस मीटिंग शुरू कर दी। इस बैठक में कई एजेंडे पास भी कर दिए गए। बाद में मेयर ने उस बैठक को अवैध करार कर दिया और वीरवार को दोबारा बैठक बुलाई।

ये आए सुझाव, पर नहीं बनी बात

‘सभी पार्षदों को एक-एक मिनट का टाइम दे दो, वो फैसला अपना फैसला बता देंगे।’- डॉ.अमृत तिवारी
‘ये मामला लोकल बॉडी सेक्रेट्री को भेज दो वो जो फैसला लेंगे मान लिया जाएगा।’
- सुभाष चावला
‘पार्षदों और अफसरों की एक कमेटी बना दो जो ये फैसला करेगी कि मीटिंग वैलिड थी या नहीं।’-एमपी कोहली
‘हाउस में बैठे सभी सदस्यों से वोटिंग करवा कर लो, फैसला हो जाएगा।’
- अरुण सूद
 
ढाई घंटे की बैठक में दो ब्रेक
ढाई घंटे चली बैठक में इतना हंगामा खड़ा हो गया था कि मेयर को दो बार ब्रेक बुलानी पड़ी। भाजपा पार्षद बस इसी बात पर अड़े थे कि बुधवार की बैठक वैलिड थी। वे इस विषय पर वोटिंग करवाने की भी बात कर रहे थे।
 
... आप से अच्छी मीटिंग तो सीनियर डिप्टी मेयर ने चलाई
वीरवार की बैठक में मेयर की कुर्सी का खूब मजाक बनाया गया। भाजपा पार्षद अरुण सूद ने मेयर हरफूलचंद्र कल्याण से कहा कि आपसे अच्छी मीटिंग तो सीनियर डिप्टी मेयर हीरा नेगी चला रही थीं। उन्हें ही सीट पर बैठा दो। इसके अलावा सूद ने मेयर से कहा कि अगर आप चाहते हो कि अच्छी मीटिंग चले आप कुछ देर वॉशरूम चले जाओ, हम सीनियर डिप्टी मेयर को सीट पर बैठा देंगे।

‘छज्ज तां बोले, छालणीं की बोले’

बैठक के दौरान भाजपा पार्षद अरुण सूद ने कहा कि उनके भी अफसरों के साथ मतभेद रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसे विरोध नहीं जताया जैसे कांग्रेसी पार्षदों ने किया। इस पर कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा एकदम बोल पड़े ‘छज्ज तां बोले, छालणीं की बोले।’ छाबड़ा ने सूद को कहा कि आप तो अफसरों को किलर तक कह चुके हैं और ये भी कहा था कि आपने लोगों का मर्डर किया है।

नगर निगम सदन में पार्षदों की राजनीति और हंगामा इस कदर हावी रहा कि फायरमैन अमनदीप सिंह की शहादत को ही भूल गए। दो दिन बैठक होने के बाद भी इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं हो सका। बुधवार की बैठक में भाजपा पार्षदों ने एजेंडा पास तो कर दिया था, लेकिन उस बैठक पर ही सवालिया निशान लग गया।

वीरवार को बैठक हुई, लेकिन भाजपा पार्षदों ने उस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने दी। जब तक इस बात का फैसला नहीं होगा कि पिछली बैठक मान्य थी या नहीं तब तक फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का मसला फिर अधर में लटक जाएगा। वर्ष 2008 में भी एक फायरमैन अमरजीत सिंह मावी की आग बुझाने हुए मौत हो गई थी। उसके परिवार को भी अभी तक मुआवजा नहीं मिला है।
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20 लाख रुपये की इंश्योरेंस का था एजेंडा

फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के ऑपरेशन स्टाफ को 20 रुपये की इंश्योरेंस देने का एजेंडा हाउस में आना था। इसमें किसी कर्मचारियों की मौत होने पर 20 लाख रुपये, 75 फीसदी निशक्त होने पर 10 लाख रुपये, 50 से 75 फीसदी निशक्त होने पर साढ़े 7 लाख और 20 से 50 फीसदी निशक्त होने पर 5 लाख रुपये दिए जाने देने का प्रस्ताव था।

मैं आजाद था, आजाद ही रहूंगा: काला
वीरवार की बैठक में भाजपा की आपसी फूट भी नजर आई। बैठक के दौरान पार्षद गुरचरण दास काला ने कहा कि वे आजाद थे और आजाद ही रहेंगे। काला बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीतकर पार्षद बने थे। हाल ही में काला भाजपा में शामिल हुए थे।

दरअसल, बैठक में मनोनीत पार्षद एमपी कोहली ने सुझाव दिया था कि मसला सुलझाने के लिए एक कमेटी बना दो, जिसमें दो कांग्रेस और दो भाजपा के पार्षद हों। कोहली के इस सुझाव का बसपा पार्षद नरेश कुमार ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि बसपा का भी एक पार्षद कमेटी में हो।

नरेश के विरोध का काला ने भी साथ दिया और कहा कि निर्दलीय को भी शामिल किया जाए। इस पर कांग्रेस पार्षद प्रदीप छाबड़ा ने काला से सवाल पूछा कि आप निर्दलीय हो या भाजपा से हो। इस पर काला ने जवाब दिया कि ‘मैं आजाद था, आजाद ही रहूंगा।’ काला ने कहा कि वे सिर्फ हरमोहन धवन के कहने पर ही भाजपा में शामिल हुए थे।
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