चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में इस समय प्रोफेसरों व एसोसिएट प्रोफेसरों में आवास आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वह इसको लेकर आमने-सामने आ गए हैं। प्रोफेसरों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर कर वीसी प्रो. राजकुमार को भेजा है। सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण की जांच के आदेश हुए हैं।
कुछ दिन पहले विज्ञान संकाय के एक प्रोफेसर ने आवास के लिए अप्लाई किया था। आरोप है कि उन्हें आवास न देकर डेंटल कॉलेज के एक एसोसिएट प्रोफेसर को आवास दे दिया गया। यह आवास एफ टाइम है। यानी स्वतंत्र आवास है। कोई अन्य शिक्षक उस आवास में नहीं रह सकता है। यह बात प्रोफेसर को पता लगी तो उन्होंने इसको मुद्दा बनाते हुए प्रोफेसरों को अवगत कराया। उसके बाद प्रोफेसरों ने एकजुटता दिखाई और लगभग 50 प्रोफेसरों ने वीसी को पत्र भेज दिया। कहा गया है कि आवास वरिष्ठता के आधार पर नहीं दिए गए हैं। एफ टाइप आवास प्रोफेसरों को आवंटित किए जाते हैं। एसोसिएट प्रोफेसर को आवास देने से शिक्षक समाज में आक्रोश है। वहीं दूसरी ओर यह पहलू भी है कि डेंटल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसरों की बेसिक पगार दूसरे विभागों के प्रोफेसर के समान ही है। इस आधार पर उन्हें आवास दिए जाने की बात कही जा रही है। बेसिक वेतन के आधार पर ऐसा किया गया है। हालांकि मामले की जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।