जालंधर में गढ़ा के पास स्थित शराब की दुकान बंद कराने को लेकर निहंगों और पुलिस के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि निहंगों ने पुलिस पर धारदार हथियार तान दिए। पुलिस ने दो घंटे बाद करीब पांच निहंगों को हिरासत में लिया और जानलेवा हमला करने के आरोप में थाना सात में केस दर्ज कर लिया है।
इससे पहले निहंगों और पुलिस के बीच काफी हंगामा हुआ। निहंगों ने शराब की दुकान के पास डेरा जमाया हुआ था। सभी लोग वहां टेंट लगाकर रहते थे। हाल ही में निहंगों ने दुकान के पास एक बोर्ड लगा दिया था, जिस पर लिखा था कि अगर कोई भी व्यक्ति यहां शराब पीता दिखाई दिया तो उसे झटका दिया जाएगा। पंजाबी में झटकाने का मतलब मारना होता है। पुलिस को इस बात की जानकारी मिली तो निहंग को तुरंत प्रभाव से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने निहंगों द्वारा लगाए गए कैंप को हटा दिया और उनके टेंट भी उतार दिए गए। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है।
निहंगों ने गढ़ा में आसपास बोर्ड लगा दिए थे कि उक्त जगह पर शराब नहीं बेची जाएगी, अगर कोई ऐसा करता है तो उसके झटका (हत्या) दिया जाएगा। निहंगों द्वारा मौके पर टेंट लगाया गया था। घटनास्थल के कुछ वीडियो फोटो सामने आए हैं, जिसमें निहंग और पुलिस मुलाजिमों के बीच गहमा गहमी होती नजर आ रही है।
एसीपी मॉडल टाउन हरजिंदर सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि निहंग जबरन पीआईएमएस अस्पताल के पास शराब की दुकान बंद करवा रहे हैं। इस मुद्दे पर उनका पुलिस से कई बार विवाद हो चुका है। जब वह पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे तो निहंगों ने तलवार निकाल ली। उन्होंने बताया कि अमनजोत नामक युवक ने पहले उन पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें या किसी कर्मचारी को चोट नहीं आई। जांच के बाद पुलिस जल्द ही आगे की कार्रवाई करेगी।
एडीसीपी-2 आदित्य ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस को सूचना मिली थी कि छोटी बारादरी, जालंधर में 4-5 व्यक्ति उपद्रव कर रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचकर उपद्रवियों के गिरफ्तार कर लिया।