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हरियाणा: डीजीपी-आईजी के विवाद ने पकड़ा तूल, आईजी ने पुलिस पर ही उठाए सवाल 

Tue, 25 May 2021 11:29 AM IST
निवेदिता वर्मा प्रवीण पाण्डेय, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश के दिन आईजी वाई पूरन कुमार के थाने में बने मंदिर में जाने पर डीजीपी की तरफ से पूछे गए सवाल से यह सारा विवाद शुरू हुआ है।
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आईजी वाई पूर्ण कुमार और डीजीपी मनोज यादव। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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हरियाणा पुलिस के दो अधिकारियों डीजीपी मनोज यादव और आईजी वाई पूरन कुमार के बीच हुए मतभेद ने तूल पकड़ लिया है। आईजी वाई पूरन कुमार ने इस मामले में डीजीपी पर एफआईआर दर्ज न किए जाने को लेकर पुलिस के सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने इस पूरे मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, गृह मंत्रालय और केंद्र सरकार के आला महकमों को पत्र लिख कर डीजीपी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि एससीएसटी एक्ट के तहत डीजीपी पर एफआईआर दर्ज की जाए।

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आईजी ने कहा है कि 19 मई को दोपहर सवा दो बजे उन्होंने इस विषय में अंबाला एसपी को शिकायत दी थी। जिसके बाद एसपी ने मामले की जांच कैंट एसएचओ को दे दी, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। वाई पूरन कुमार ने पत्र में एक्ट के संशोधन का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में एफआईआर दर्ज करने के लिए किसी तरह की प्राथमिक जांच की आवश्यकता नहीं है।


उन्होंने कहा है कि पांच दिन बीत जाने के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने से पता चलता है कि अंबाला एसपी कितने दबाव में हैं। इस मामले में उन्होंने मिनस्ट्री आफ होम अफेयर्स से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। वाई पूरन कुमार ने कहा है कि मामले को शीघ्र ही डायरेक्टर जनरल इंटेलीजेंस ब्यूरो के संज्ञान में भी लाया जाए।
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विज ने पल्ला झाड़ा
बीते कल डीजीपी मनोज यादव की गृह मंत्री अनिल विज से करीब दो घंटे मंत्रणा हुई है। सूत्रों के मुताबिक विज ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है। वह भी यह कह कर कि यह अफसरशाही का आपस का मामला है, मैं इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहता हूं।

सुलह समझौते का भी प्रयास शुरू
अंदरखाते इस मामले में सुलह समझौते का प्रयास भी शुरू हो चुका है। अनुसूचित जाति के आईएएस और आपीएस अधिकारी इस मामले में एकजुट हो गए हैं और सरकार पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में सरकार इस मामले को सुलह से निपटाना चाह रही है जिससे किसी तरह का विवाद मीडिया में खड़ा न हो।

अंबाला एसपी को यह दी है शिकायत
शिकायत में वाई पूरन कुमार ने कहा है कि 3 अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश था और वे शहजादपुर थाने में बने मंदिर में गए थे। डीजीपी ने उनसे पूछा था कि मंदिर स्थापित करने से पहले सरकार से पूछा गया है क्या? उन्होंने कहा कि मंदिर उनकी नियुक्ति से पहले का है। साथ ही मनोज यादव उन्हें सार्वजनिक अवकाश के दिन पूजा करने से नहीं रोक सकते।

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