26 मार्च को इस संदर्भ में गृह सचिव राजीव अरोड़ा को डीजीपी ने अवगत करवा दिया है। इस रिपोर्ट में विस्तार से जाधव की ओर से लिखे गए पत्र का जवाब दिया गया है। डीजीपी की ओर से यह जवाब इस मामले में पूरी रिसर्च करने के बाद दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि हमने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो को गाड़ी भेजी है। पुलिस के कर्मचारी और कंप्यूटर दिए हैं। साथ ही जहां पर आवश्यक हुआ वहां बजट का भी प्रावधान किया है।
एसटीएफ का उदाहरण दिया
उदाहरण के तौर पर यह भी लिखा गया है कि हरियाणा में ढाई साल पहले एसटीएफ का गठन किया गया था, लेकिन एसटीएफ के पास आज भी पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। बावजूद इसके किसी आईजी ने इस तरह से चिट्ठी नहीं लिखी है।
मुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी वी कामराज को दो साल पहले यह ड्यूटी दी थी कि हरियाणा में हाईवे पेट्रोल नहीं है। कामराज खुद वित्त विभाग में जाते थे, अधिकारियों से बैठक करते थे। जमीन नहीं थी तो राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास गए। आज जगह-जगह हाईवे पेट्रोल चौकी है। 30 किलोमीटर के दायरे में यह पुलिस गश्त करती है। उन्होंने काम किया किसी पर आरोप नहीं लगाए।
श्रीकांत जाधव इस समय चुनाव ड्यूटी पर हैं। जाधव ड्यूटी से लौटेंगे तो उनसे विस्तार से बात की जाएगी। -अनिल विज, गृह मंत्री, हरियाणा