डीजल के रेट में इजाफा आम आदमी की मुसीबत बन गया है तो वहीं उद्यमियों के लिए भी भारी मुसीबत खड़ी कर रहा है। इंडस्ट्री का काम डीजल से चलता है और यही वजह है डीजल के बढ़ते दामों के बीच उद्यमियों का हाल बेहाल हो चुका है। पिछले छह महीने में डीजल के रेट्स में सात रुपये तक का इजाफा हो चुका है। इसका सीधा प्रभाव प्रोडक्ट्स की कास्ट पर पड़ता है।
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरंजीव सिंह ने कहा कि पिछले कुछ माह में प्रोडक्ट की कीमतों में तेजी आई है जिसकी वजह है डीजल की कीमत में इजाफा होना। उन्होंने कहा कि डीजल के दामों को कंट्रोल किया जाना चाहिए। चंडीगढ़ के उद्यमी पुरुषोत्तम महाजन के अनुसार इंडस्ट्री के लिए ईंधन खासतौर से डीजल सबसे आवश्यक है। इसकी कीमत को कंट्रोल में रखना जरूरी है।
इंडस्ट्रियलिस्ट एमपीएस चावला के अनुसार होटल इंडस्ट्री और प्रोडक्शन इंडस्ट्री दोनों की आवश्यकता डीजल है। डीजल के बिना काम नहीं चलता। चंडीगढ़ में करीब दो हजार इंडस्ट्री हैं जिनका प्रोडक्शन और अन्य कार्य डीजल से जुड़े हैं। खासतौर से गर्मियों में जनरेटर के लिए डीजल सबसे आवश्यक होता है।
ट्रांसपोर्ट पर पड़ता है सीधा असर
चंडीगढ़ इंदौर रोड लाइन के मालिक संजीव दीवान (कुक्कू) ने कहा कि डीजल के रेट्स बढ़ने से ट्रांसपोर्टरों का काम सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। एग्रीमेंट की वजह से व्यापारी पैसे देते नहीं हैं। इससे कास्ट हमारी ही कम हो जाती है। ग्रा गोयल रोडवेज के जोनल हेड बीएल शर्मा ने कहा कि चंडीगढ़ में प्रोडक्शन न होने की वजह से ज्यादा माल बाहर से आता है। ईंधन के रेट्स की वजह से सीधा असर प्रोडक्ट पर पड़ता है।