बिना छत के घर में ठंड से दिव्यांग की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामला प्रकाश में आने के बाद उपायुक्त ने तीखे तेवर दिखाए। चंडीगढ़ कार्यालय ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। वहीं मौत के बाद मची खलबली के बीच नाहड़ खंड के गांव गढ़ी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन मकान की दूसरी किश्त स्वीकृत हो गई है। उपायुक्त ने एडीसी को जांच अधिकारी नियुक्त कर दो दिन में रिपोर्ट देने का कहा है। अधिकारियों के अनुसार जल्द ही आवास योजना की राशि संबंधित परिवार को मिल जाएगी।
दूसरी तरफ ठंड से दिव्यांग की मौत के बाद परिवार की सहायता के लिए सामाजिक संगठनों ने हाथ आगे बढ़ाए हैं। मकान बनाने के लिए आर्थिक मदद के साथ बच्चों की पढ़ाई और बड़ी बेटी को रोजगार देने का आश्वासन दिया गया है। उप जिला प्रमुख और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के वालंटियर ने भी परिवार की सहायता का आश्वासन दिया है। नाहड़ खंड के गांव गढ़ी निवासी दिव्यांग पप्पू सिंह ने इंदिरा आवास योजना के तहत प्रथम किश्त मिलने के बाद मकान का निर्माण प्रारंभ कर उसको चौखट तक तैयार कर लिया था। पप्पू सिंह और उसकी पत्नी आशा देवी दोनों ही दिव्यांग थे। मजदूरी करके अपना और आश्रित चार बच्चों का पेट पाल रहे थे।
पप्पू सिंह के बीपीएल श्रेणी में होने के कारण उसको सरकार की तरफ से 100 वर्ग गज का प्लॉट मिला। इंदिरा आवास योजना में भी उसका मकान स्वीकृत था। इसकी प्रथम किश्त उसको मिली थी। करीब पांच माह पहले उसने द्वितीय किश्त के लिए आवेदन किया था लेकिन इसी बीच योजना का नाम बदलने से उसका आवेदन भी तकनीकी खामियों में अटक गया था। इससे पप्पू सिंह ने अपने आधे मकान पर ही टीनशेड डाल पाया था और उसी में सोता था। रविवार को ठंड लगने के कारण उसकी मौत हो गई। वीरवार को इस मामले में चंडीगढ़ कार्यालय से भी रिपोर्ट तलब की गई तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने एडीसी प्रदीप दहिया को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एडीसी इस मामले की दो दिन में रिपोर्ट देंगे।