पंजाब के सीएम से मिले बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक पंकज कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमा पर अगर बीएसएफ चौकसी बढ़ाएगी तब ही हथियारों की तस्करी रुक पाएगी। अगर बीएसएफ पंजाब पुलिस के साथ साझा रणनीति बनाकर काम करेगी तो सूबे में हथियारों और नशा तस्करी पर रोक लग पाएगी।
रविवार को चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास में विचार विमर्श के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कंटीली तार के पार से होने वाली नशे और हथियारों की तस्करी के मद्देनजर सरहदी राज्य होने के नाते पंजाब को अनगिनत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। तस्करी से सख्ती से निपटने की जरूरत है, क्योंकि यह देश की एकता, अखंडता, सुरक्षा और प्रभुसत्ता के लिए बड़ा खतरा खड़ा कर रही है। पंजाब नशे के खिलाफ देश की लड़ाई लड़ रहा है क्योंकि राज्य में रत्ती भर भी नशा उगाया नहीं जाता लेकिन राज्य नशा सप्लाई का रास्ता है। इस वजह से राज्य देश में नशे की तस्करी रोकने के लिए सख्ती से लड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस द्वारा नशा तस्करी के विरुद्ध बारीकी से बनाई गई कोई भी नीति नशे के जहर से देश को बचाने के लिए एक बड़े बैरियर के रूप में काम कर सकती है। नार्को-गैंगस्टर-आतंकवाद के गठजोड़ की रीढ़ की हड्डी तोड़ने की जरूरत है। यह राज्य की सख्त मेहनत से हासिल की गई शांति को तहस-नहस करने की कोशिशें कर रहा है। भगवंत मान ने इस परोपकारी कार्य के लिए बीएसएफ के महानिदेशक को हर संभव सहयोग और सहायता का यकीन दिलाया।
सरहद पार के आतंकवाद और तस्करी से ज्यादा प्रभावशाली तरीके से निपटने के लिए बीएसएफ और पंजाब पुलिस को आधुनिक हथियारों और साजो-सामान से लैस करने की जरूरत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही यह मसला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया था। पंजाब पुलिस और बीएसएफ सरहद पार से हथियारों और नशों की तस्करी रोकने के लिए अथक कोशिशें कर रही है और इन दोनों की कोशिशों के मनचाहे नतीजे निकलेंगे। भगवंत मान ने देश खास तौर पर पंजाब में सरहद की रक्षा के लिए बीएसएफ द्वारा निभाई जा रही सेवाओं की सराहना की।