मेडिकल से आर्ट स्ट्रीम करने के फैसले को यूनियन कोर्ट में देगी चुनौती
चंडीगढ़। प्रदेश में आचार संहिता लागू होने के बाद वीएलडीए (पशु चिकित्सा एवं पशुधन विकास सहायक) कोर्स की शैक्षणिक योग्यता में बदलाव करने पर डिप्लोमा वेटनरी एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। दरअसल, पशुपालन विभाग ने इस काेर्स में शैक्षणिक बदलाव कर मेडिकल स्ट्रीम से आर्ट स्ट्रीम कर दिया है। ऐसे में अब विभाग के इस फैसले को यूनियन ने कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है।
डिप्लोमा वेटनरी एसोसिएशन से उपप्रधान अरविंद भालोटिया, महासचिव राजेश लोहान, मंजीत फोगाट व सचिन यादव ने बताया कि यह बदलाव अधिकारियों ने वीएलडीए का कोर्स करवाने वाले प्राइवेट काॅलेजों के दबाव में लिया है। डिप्लोमा वेटनरी 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी, जिसमें एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था कि वीएलडीए का पद तकनीकी पद है व उनका मुख्य कार्य पशु चिकित्सा से जुड़ा हुआ है। इसलिए वीएलडीए कोर्स की शैक्षणिक योग्यता केवल मेडिकल स्ट्रीम से होनी चाहिए। सरकार ने एसोसिएशन की मांग जायज मानते हुए कोर्स की शैक्षणिक योग्यता मेडिकल स्ट्रीम कर दी थी।
एसोसिएशन ने बताया कि यह बदलाव आचार संहिता के दौरान किया गया है, जो शैक्षणिक स्तर और गुणवत्ता के साथ गंभीर खिलवाड़ है। ऐसे में सरकार की नीयत और प्राइवेट कॉलेजों के दबाव में लिए गए इस फैसले की एसोसिएशन ने चुनाव आयोग को भी शिकायत की है। एसोसिएशन ने बताया कि अगर चुनाव आयोग ने जल्द कोई उचित कदम नहीं उठाया तो यूनियन इस फैसले को पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती देगा।