इनेलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा द्वारा अजय सिंह चौटाला के निष्कासन का पत्र जारी किए जाने पर दिग्विजय चौटाला ने कहा कि यह पत्र पूरी तरह से फर्जी है। जिसे चंडीगढ़ में बैठकर ही तैयार किया गया है। दिग्विजय ने कहा कि यह पत्र मंगलवार की रात तैयार किया गया है। ओम प्रकाश चौटाला को न तो पहले विश्वास में लिया गया था न ही इस मामले में उन्हें भरोसे में लिया गया है।
दिग्विजय ने कहा कि चौटाला के जेल जाने से पहले वह और दुष्यंत उनसे मिले थे तब सभी बातें सामान्य हो गई थी लेकिन उनके जेल जाते ही दुष्यंत व उसे निष्कासित कर दिया गया। जिसका पत्र जारी करने की बजाए केवल प्रेस नोट जारी किया गया है। युवा नेता ने कहा कि अजय चौटाला को किस आधार पर निष्कासित किया गया है यह कोई स्पष्ट नहीं कर रहा है।
अजय के निष्कासन में भी पार्टी को खत्म करते हुए भाजपा के हाथों में खेलने वाले चंद लोग शामिल हैं। दिग्विजय ने अभय चौटाला व अशोक अरोड़ा की ओम प्रकाश चौटाला के साथ मुलाकात पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जेल रिकार्ड के अनुसार किसी भी नेता की ओम प्रकाश चौटाला से मुलाकात नहीं हुई है।