चौटाला ने कहा कि कांग्रेस का राज घोटालों की सरकार थी। जितना इस देश को कांग्रेस ने लूटा है उतना तो शायद अंग्रेज भी इस देश को लूट कर नहीं गए होंगे। कांग्रेस के इस कुशासन के कारण ही लोगों को भाजपा में एक विकल्प दिखाई दिया था। लोगों को आस थी कि भाजपा की सरकार बेरोजगारी, शासन व्यवस्था, गरीबी की समस्या का हल करेगी। भाजपा की ओर से भी लोक लुभावने वादे किये गए जिसका परिणाम हुआ देश और प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी।
इनेलो की नगर निगम चुनाव में हुई करारी हार पर उन्होंने कहा की यह घमंड और ठेकेदारों के मुंह पर तमाचा है। असल में इंडियन नेशनल लोकदल सही में लोकदल न रहकर लठदल बनकर रह गयी है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने कहा की रामपाल जैसे डर्टी पॉलिटिक्स करने वालों का अब समय चला गया है।
अब लोग उन्हीं को पसंद करते हैं जो कार्यकर्ताओं को सम्मान देते हैं व विकास की बात करते है। पार्टी के चुनाव निशान पर पूछे सवाल पर दिग्विजय ने कहा की जल्द ही पार्टी को चुनाव निशान भी मिल जाएगा। इस अवसर पर धूप सिंह माजरा, धरमपाल छौत, बलवान कोटड़ा, हरदीप पाडला, संजय जागलान, रणदीप कोल, सेवा सिंह बालू, प्रेम ग्योंग, अनिल बल्किया, ओमप्रकाश, बलराज नरड, राजू पाई, सम्पूर्ण कोयल, होशियार गिल, रामकरण कोटडा, रोशन ढांडा, गीता गोस्वामी, चरणसिंह सिस्मोर, कप्तान बलजीत मोर, राजेश सिसला, मांगेराम ढुल आदि मौजूद रहे।