खालिस्तान समर्थकों की नापाक हिमाकत देखिए, भारतीय सेना के जवानों को भड़काने की साजिश रच डाली। खुलासा हुआ तो सारा षड्यंत्र भी खुलकर सामने आ गया।
ऐसे रची साजिश
खालिस्तानी समर्थकों ने ‘सीक्रेट आर्डर’के नाम से 3 दिसंबर 2018 को फर्जी सैन्य पत्र तैयार किया। यह पत्र डायरेक्टरेट ऑफ मिलिट्री इंटेलीजेंस के साइकोलॉजिकलऑपरेशंस विंग के डिप्टी डायरेक्टर ब्रिगेडियर विक्रम मल्होत्रा के नाम से जारी किया गया है। इसे दिखाया गया है कि यह पत्र सेना प्रमुख और वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ को भी भेजा गया है। इसके साथ वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ और भारतीय सेना के अन्य सिख जवानों की फोटो का भी इस्तेमाल किया गया है।
‘रेफ्रेंडम-2020’से जोड़ने की कोशिश
दरअसल, इसके जरिये विदेशों में बैठे ये खालिस्तानी आतंकी सिख जवानों और अफसरों को अलगाववादी मुहिम ‘रेफ्रेंडम-2020’से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इस खतरनाक साजिश का खुलासा सेना की एक विशेष विंग किया है। यह रिपोर्ट सेना हाईकमान को भेज दी गई है। गौरतलब है कि विदेशों में खालिस्तान समर्थक पंजाब को साल 2020 तक भारत से अलग करने की अलगाववादी मुहिम ‘रेफ्रेंडम-2020’चला रहे हैं। इन लोगों को पाकिस्तान का भी पूरा समर्थन मिल रहा है।
यह लिखा फर्जी पत्र में
इस फर्जी पत्र में लिखा है कि भारतीय सेना में तैनात कई सिख अफसर और जवान पंजाब को भारत से अलग करने वाली अलगाववादी मुहिम ‘रेफ्रेंडम-2020’ का अंदरखाते समर्थन कर रहे हैं। इसलिए इन सिख जवानों और अफसरों के नाम, मोबाइल नंबर और उनके परिजनों की सूची जुटाकर उन पर नजर रखने की जरूरत है। इसे खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू सोशल मीडिया पर वायरल कर सेना के सिख जवानों और अफसरों को भड़का रहे हैं और साथ ही पंजाबी युवाओं से भारतीय सेना ज्वाइन न करने की बात कह रहे हैं। सेना की विशेष विंग ने जब इसकी जांच की तो पाया कि न तो इस तरह का कोई पत्र जारी किया गया, न ब्रिगेडियर विक्रम मल्होत्रा नाम का कोई अफसर है और न ही सेना में कोई ‘साइकोलॉजिकलऑपरेशंस विंग’है।