हरियाणा राज्यसभा चुनाव के दौरान मतदान केंद्र में जेजेपी के प्रधान सचिव दिग्विजय चौटाला और चुनाव अधिकारी आरके नांदल उलझ गए। दरअसल, जजपा की तरफ से एजेंट बनाए गए दिग्विजय चौटाला कुर्सी पर बैठे थे लेकिन चुनाव अधिकारी आरके नांदल को उनका कुर्सी पर बैठने का तरीका पसंद नहीं आया।
नांदल ने चौटाला को टोकते हुए कहा, कुर्सी पर ठीक से अंदर की तरफ बैठो। इस पर जवाब देते हुए दिग्विजय ने कहा कि इसमें मेरी कोई गलती नहीं है, मेरा बैठने का यही तरीका है। इसी को लेकर कुछ देर तक दोनों में गरमागर्मी रही। अन्य नेताओं और अधिकारियों द्वारा दखल देने के बाद दोनों को शांत कराया गया लेकिन कुछ ही देर के बाद से फिर से विवाद खड़ा हो गया।
मतदान केंद्र में जजपा पार्टी के अधिकृत एजेंट के तौर पर मौजूद दिग्विजय चौटाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता किरण चौधरी और बीबी बत्रा ने अपना वोट पोल करने के बाद पार्टी के एजेंट को नहीं दिखाकर अन्य को दिखाया है, यह नियमों के खिलाफ है और दोनों के वोट रद्द किए जाएं। इस दौरान दिग्विजय ने मतदान केंद्र के अंदर ही हंगामा शुरू कर दिया लेकिन चुनाव अधिकारी नांदल ने इसे बेवजह हंगामा करार देते हुए वोट को वैलिड बॉक्स में डलवा दिया गया। इसको लेकर भी चौटाला और नांदल में तीखी बहस हुई।
गोलन ने किया बिश्नोई व अन्य कांग्रेसी की वोट रद्द होने का दावा
निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन ने मतदान के बाद मीडिया के सामने दावा किया कि कुलदीप बिश्नोई और एक अन्य कांग्रेसी विधायक का वोट रद्द हो गया है। इसको लेकर दोपहर तक संशय की स्थिति बरकरार रही। सभी राजनीतिक दलों में इसको लेकर चर्चा बनी रही। हालांकि, दोपहर के बाद खुद चुनाव अधिकारी ने स्थिति स्पष्ट की किसी भी विधायक का वोट रद्द नहीं हुआ है।