पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग।
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संगरूर लोकसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी की ओर से विशेष रणनीति बनाते हुए मुख्यमंत्री सहित आम आदमी पार्टी के मंत्रियों को उनके घर में घेरने की तैयारी की है। पार्टी की ओर से जीत की राह बनाने के लिए 50 बड़े चेहरों को जिम्मेदारी दी है। इनमें पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित पूर्व मंत्रियों और विधायकों के नाम शामिल हैं। कांग्रेस ने इस उपचुनाव में दलवीर गोल्डी को टिकट दी है। वह मुख्यमंत्री भगवंत मान से पिछला विधानसभा चुनाव हार गए थे।
पंजाब कांग्रेस की ओर से उपचुनाव के लिए बनाई गई रणनीति के तहत नेताओं को विधानसभा के हिसाब से जिम्मेदारी दी गई है। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान की विधानसभा सीट धूरी की जिम्मेदारी पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस विधायक सुखजिंदर रंधावा को दी गई है। शिक्षा मंत्री मीत हेयर की सीट पर पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु को तैनात किया गया है। लहरा में पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल और परगट सिंह आप नेताओं के खिलाफ मोर्चा संभालेंगे।
सरकार में सेकेंड पोजीशन पर वित्तमंत्री हरपाल चीमा की दिड़बा सीट पर विधानसभा में विपक्ष के उपनेता विधायक राजकुमार चब्बेवाल और सुखपाल खैरा घेरने का काम करेंगे। सुनाम विधानसभा सीट में मदनलाल जलालपुर और हैरी मान, मालेरकोटला में विपक्षी दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा, संगरूर में तृप्त राजिंदर बाजवा और विजय इंदर सिंगला और माहिल कलां में कुशलदीप ढिल्लों को जिम्मेदारी दी गई है।
सख्त फैसले ले रहे वड़िंग
संगरूर लोकसभा सीट पर उपचुनाव जीतने के लिए कांग्रेस प्रधान सख्त फैसले ले रहे हैं। पार्टी विरोधी गतिविधि पर पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने पूर्व विधायक हरचंद कौर को पार्टी से निकाल दिया है। हरचंद कौर कांग्रेस से दो बार विधायक रह चुकीं हैं। इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें महल कलां आरक्षित सीट से टिकट दी थी। हालांकि वह आम आदमी पार्टी के कुलवंत सिंह पंडौरी से हार गईं। महल कलां भी संगरूर लोकसभा सीट के अधीन ही आता है।