तारीख भी उसी दिन की थी, जिस दिन सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह ने बैंक से पैसा निकलवाया था। हालांकि, विजिलेंस के अलावा अधिकारी चुप्पी साधे हैं और कुछ भी बताने से साफ इन्कार कर रहे हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस ने कॉल डिटेल्स व टावर लोकेशन का मिलान किया है और सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह की कहानी विजिलेंस की तकनीकी जांच में हर कदम पर जुड़ती नजर आ रही थी।
10 दिसंबर 2021 को फिरोजपुर रेंज के डीआईजी के रीडर इंस्पेक्टर बरजिंदर सिंह ने फोन पर बताया कि 11 दिसंबर को डीआईजी के समक्ष पेशी है। सब इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा, सीआईए स्टाफ के मुंशी रछपाल सिंह (एएसआई) को साथ लेकर फिरोजपुर के सीआईए स्टाफ कार्यालय पहुंचे थे। बलजिंदर सिंह के इस बयान की तकनीकी रूप से मोबाइल टॉवर लोकेशन व कॉल डिटेल्स से मिलाया गया तो उसकी बात सच थी।
सब इंस्पेक्टर को अवैध हिरासत में रखने का आरोप
सब-इंस्पेक्टर बलजिंदर सिंह बाजवा की अस्थायी ड्यूटी डीआईजी कार्यालय लगा दी। नशे का आदी होने का आरोप लगाकर 11 दिसंबर की रात को बाजवा को सीआईए स्टाफ में अवैध हिरासत में रखा गया। सब इंस्पेक्टर बाजवा को सीआईए में रखा गया, यह बात भी जांच में सामने आ चुकी है।
सीआईए स्टाफ पट्टी के मुंशी एएसआई रछपाल सिंह ने बाजवा को बताया कि भिखीविंड में तैनात डीएसपी लखबीर सिंह संधू उनका करीबी रिश्तेदार है और डीएसपी की डीआईजी इंद्रबीर सिंह के साथ अच्छी बनती है। 12 दिसंबर को सुबह यह कहते बलजिंदर सिंह बाजवा को छोड़ दिया गया कि डीएसपी संधू मामला निपटा देंगे। इस पर 35 लाख में सौदा तय हुआ। डीएसपी संधू ने सब-इंस्पेक्टर बाजवा को बताया कि तुम्हारे बैंक अकाउंट पर भी डीआईजी की पूरी नजर है। 25 लाख में सौदा होने पर बाजवा को रिहा कर दिया गया।
रिहा होने के बाद निकलवाए 10 लाख
बलविंदर सिंह बाजवा रिहा होने के बाद बैंक गया, जहां से उसने 10 लाख रुपये की राशि निकलवाई। बैंक से भी लिखित स्टेटमेंट विजिलेंस के अधिकारियों को मिल गई है। बाजवा से अगर पैसे नहीं लिए तो सीआईए स्टाफ से निकलने के बाद बाजवा को ऐसी क्या मुसीबत आई कि उसने तत्काल 10 लाख रुपये बैंक से निकलवा लिए। बाकी पैसे एकत्रित कर बाजवा ने 23 लाख की राशि डीएसपी लखबीर सिंह संधू को सौंपी।
बताए गए समय व तारीख को टावर लोकेशन व कॉल डिटेल्स से चेक किया गया तो विजिलेंस की जांच को बल मिलने लगा। विजिलेंस के तमाम अधिकारी बिल्कुल चुप्पी साधे हैं लेकिन सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस की टीम को इस मामले में काफी पुख्ता सबूत मिल चुके हैं।