फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हरियाणा: दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में मिलेगा चार फीसदी क्षैतिज आरक्षण, मुख्य सचिव ने जारी किया पत्र, 2017 से मिलेगा लाभ

Sat, 02 Jul 2022 12:46 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016, 19 अप्रैल, 2017 को लागू हुआ था, इसलिए 4 प्रतिशत क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) आरक्षण का लाभ 19 अप्रैल 2017 से मिलेगा। पदोन्नति के मामले में ग्रुप ए, बी, सी और डी कैडर के कुल पदों में से चार प्रतिशत दिव्यांगों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हरियाणा सरकार दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नतियों में चार फीसदी क्षैतिज आरक्षण देगी। इसका लाभ दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 में कवर होने वाले बेंचमार्क दिव्यांग कर्मियों को मिलेगा। मुख्य सचिव ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों के मुख्य प्रशासकों, प्रबंध निदेशकों, मंडलायुक्तों, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ के रजिस्ट्रार, डीसी व एसडीएम के अलावा सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र जारी कर दिया है।

विज्ञापन


दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016, 19 अप्रैल, 2017 को लागू हुआ था, इसलिए 4 प्रतिशत क्षैतिज (हॉरिजॉन्टल) आरक्षण का लाभ 19 अप्रैल 2017 से मिलेगा। पदोन्नति के मामले में ग्रुप ए, बी, सी और डी कैडर के कुल पदों में से चार प्रतिशत दिव्यांगों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। दृष्टिहीनता या कम दृष्टि, बधिर या हार्ड हियरिंग, लोकोमोटर दिव्यांगता में सेरिब्रल पॉल्सी (मस्तिष्क पक्षाघात) से पीड़ित व्यक्ति, लेप्रोसी क्योर्ड, बौनापन, एसिड अटैक पीड़ित और मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के मामले में 1-1 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। 

ऑटिज्म, इंटलेक्चुअल डिसेबिलिटी, स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी और मेंटल इलनेस, बहरापन के मामले में ग्रुप ए से डी तक मल्टिपल डिसेबिलिटी श्रेणी में संयुक्त रूप से एक प्रतिशत आरक्षित दिया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार यदि कोई विभाग दिव्यांगों के लिए आरक्षण के प्रावधान से किसी पद/संवर्ग को आंशिक रूप से या पूरी तरह से छूट देना आवश्यक समझता है तो प्रस्ताव की पूर्ण तर्कसंगत बताते हुए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को आग्रह कर सकता है।
विज्ञापन


बेंचमार्क दिव्यांगों के लिए आरक्षण की क्षैतिजता
नागरिकों के पिछड़े वर्गों (अनुसूचित जातियों एवं पिछड़े वर्गों) के लिए आरक्षण को वर्टिकल आरक्षण कहा जाता है। दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों जैसी श्रेणियों के लिए आरक्षण को हॉरिजॉन्टल आरक्षण कहते हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी वर्ष में बेंचमार्क दिव्यांग श्रेणी में दो रिक्तियां आरक्षित हैं और पदोन्नत दो पीडब्ल्यूबीडीएस में से एक अनुसूचित जाति, दूसरा अनारक्षित श्रेणी से संबंधित है तो बेंचमार्क दिव्यांग एससी उम्मीदवार को आरक्षण रोस्टर में अनुसूचित जाति के प्वाइंट के विरुद्ध और अनारक्षित उम्मीदवार को संबंधित आरक्षण रोस्टर में अनारक्षित प्वाइंट के विरुद्ध समायोजित किया जाएगा। यदि कोई भी रिक्ति अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित प्वाइंट पर नहीं आती है तो बेंचमार्क दिव्यांगता के तहत अनुसूचित जाति से संबंधित उम्मीदवार को भविष्य में एससी के लिए आरक्षित अगले उपलब्ध रिक्त पद के विरुद्ध समायोजित करेंगे। दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी राज्य सरकार का विधिवत गठित मेडिकल बोर्ड होगा।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें