चंडीगढ़। बिल जमा कराने के बाद बिल अपडेट नहीं करना और ज्यादा बिल भेजना भारती एयरटेल को महंगा पर गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग 2 चंडीगढ़ ने एयरटेल को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को सात हजार रुपये मुआवजा और तीन हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करे।
आदेश की प्रति मिलने के 30 दिन के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर पांच हजार रुपये का अतिरिक्त मुआवजा अदा करना होगा। उपभोक्ता आयोग ने भारती एयरटेल को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है।
यह था मामला...
शिकायतकर्ता अनिल कुमार अग्रवाल निवासी सेक्टर-7 बी चंडीगढ़ ने चंडीगढ़ के राजीव गांधी टेक्नोलॉजी पार्क स्थित भारती एयरटेल के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी थी। इसमें अनिल कुमार अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने एयरटेल लैंडलाइन कम ब्रॉडबैंड का कनेक्शन लिया था। 24 जुलाई 2019 को उन्होंने 1179 रुपये बिल जमा कराया लेकिन एयरटेल ने जमा किया गए बिल को अपडेट नहीं किया। बिल की राशि अपडेट नहीं होने पर अगले बिल में भी शो किया। शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग को बताया कि बिल जमा करने के बाद भी 31 जुलाई 2019 को एयरटेल ने प्री डिसकनेक्शन का अलर्ट यह कहकर भेज दिया कि शिकायतकर्ता के पास 1178 रुपये 40 पैसे बकाया है। एयरटेल ने 3 अगस्त 2019 को 2475 रुपये 22 पैसे का बिल भेजा। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने 5 अगस्त 2019 को बिल ठीक करने के लिए कानूनी नोटिस भेजा। शिकायतकर्ता ने कहा कि एयरटेल ने नए कनेक्शन के लिए जोर दिया। इसके बाद एयरटेल ने ईमेल के जरिए 7 सितंबर 2019 को सर्विस डिसकनेक्शन के लिए सूचित किया कि 3654 रुपये बकाया है लेकिन कंपनी ने 1179 रुपये अपडेट नहीं किया।