पीजीआई के विशेषज्ञों के मुताबिक डायबिटीज के मरीजों में ब्लड प्रेशर व हाइपरटेंशन की भी शिकायत रहती है। कुछ मरीज डायबिटीज के साथ हार्ट व कैंसर से भी पीड़ित होते हैं। ब्लड शुगर बढ़ने पर इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इससे उनकी संक्रमित होने के चांस बढ़ते हैं। पॉजिटिव होने पर उनकी रिकवरी होने में भी दिक्कतें आती हैं, इसलिए डायबिटीज मरीजों को ज्यादा खतरा है।
घर पर ये एहतियात बरतें
कोरोना के लिए जो एहतियात बताई गई हैं, वो तो करनी है। साथ ही डायबिटीज मरीजों को घर पर भी सामाजिक दूरी अपनाना होगा। यदि घर का कोई सदस्य बाहर जाता है तो वापस आने पर उसे अपने हाथ, पैर और चेहरे को अच्छी तरह से धोना होगा। मोबाइल फोन को सैनिटाइज करे।
कोशिश करें कि कपड़ों को भी धोने के लिए डाल दें। डायबिटिज मरीज को ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखनी हैं क्योंकि संक्रमित होने पर लक्षण 14 दिन के भीतर कभी आ सकते हैं।
डायबिटीज मरीज को फिलहाल घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। रोजाना शुगर चेक करें। किसी भी कीमत पर ब्लड शुगर को अनियंत्रित न होने दें। शुगर का एक चार्ट बना लें, ताकि किसी डॉक्टर से फोन या ऑनलाइन कुछ पूछना पड़े तो डॉक्टर शुगर का चार्ट देखकर आसानी से बता सकेगा। जो दवाएं चल रही हैं, उसे बंद नहीं करना है।
गर्म पानी पीते रहे, फायदा होगा
पीजीआई एंडोक्राइनोलाजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर संजय बडाडा ने बताया कि डायबिटीज व अन्य लोगों को भी इस दौरान गर्म पानी पीते रहने चाहिए। इससे गला गीला रहेगा और खांसी आने के चांस कम रहेंगे। गर्म पानी भी कोरोना वायरस के बचाव का एक तरीका है।
घर पर ही एक्सरसाइज करनी है। सांस से संबंधित एक्सरसाइज ज्यादा करें। अनुलोम-विलोम भी अपना सकते हैं। साबुन से हाथ धोते रहें। यदि मरीज को बुखार, खांसी और सांस फूलती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना होगा और खुद को अन्य लोगों से दूर कर लें।