केंद्र में पार्टी की सरकार, शहर में भी अपना सांसद, इसके बाद भी भाजपा में आपसी गुटबाजी खत्म नहीं हो रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने फिर एक बड़े कार्यक्रम का बहिष्कार कर पार्टी में आपसी राजनीति को सामने ला दिया।
बलरामजी दास टंडन के सम्मान समारोह में न तो पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन पहुंचे और न ही पूर्व सांसद सत्यपाल जैन। इतना ही नहीं दोनों के ही करीबी नेता व कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम का बहिष्कार किया।
शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में टंडन के लिए सम्मान समारोह रखा था। समारोह में दिल्ली से पार्टी प्रभारी आरती मेहरा और सांसद किरण खेर भी पहुंच गई, लेकिन ये दोनों लोकल लीडर नहीं पहुंचे।
पार्टी ने सभी पूर्व अध्यक्षों को भी बुलाया हुआ था, लेकिन इन नेताओं से संबंध रखने वाले पूर्व अध्यक्ष यशपाल महाजन व कमला शर्मा ने भी कार्यक्रम में शिरकत नहीं की। कई पार्षद भी कार्यक्रम में आए थे, लेकिन जैन के नजदीकी कहे जाने वाले पार्षद व डिप्टी मेयर देवेश मौदगिल भी कार्यक्रम से दूर रहे।
पहले भी हुआ है ऐसा
इससे पहले किरण खेर के सांसद चुने जाने पर आयोजित कार्यक्रम का सत्यपाल जैन ने बहिष्कार किया था जबकि हरमोहन धवन बीच में ही कार्यक्रम छोड़कर चले गए थे।
धवन बोले मेरी तरफ से सॉरी
सूत्रों ने बताया कि धवन को फोन कर कार्यक्रम के लिए बताया गया था। धवन ने कहा था कि वह अंबाला जा रहे हैं और कोशिश करेंगे कि कार्यक्रम में पहुंचे। अगर नहीं आए तो उनकी तरफ से सॉरी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कहा कि मैं फैमिली फंक्शन के लिए अंबाला गया हुआ था। इस कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच सका।
हरमोहन धवन,