चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के आबकारी और कराधान विभाग ने सेक्टर-24 स्थित पार्क व्यू होटल में शुक्रवार को शराब ठेकों की नीलामी की। पहली बार धनास का ठेका सबसे अधिक 11.55 करोड़ में नीलाम हुआ है, जबकि इस ठेके का आरक्षित मूल्य 7.95 करोड़ था। वहीं, अन्य ठेके भी आरक्षित मूल्य से काफी महंगे बिके हैं।
धनास के अलावा जिन ठेकों के लिए अधिकतम बोली लगी हैं, उनमें मौली गांव और सेक्टर-61 का ठेका शामिल है। विभाग 96 में से 80 ठेकों की नीलामी करने में सफल रहा, क्योंकि पिछले दिनों खोली गई तकनीकी बोली में इतने ही ठेकों के लिए शराब विक्रेताओं ने आवेदन किया था। विभाग को 80 ठेकों के लिए 162 बोली मिली थी। कुल आरक्षित मूल्य 317.31 करोड़ में से प्रशासन को 398.04 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जोकि 25.44 प्रतिशत के करीब वृद्धि है। साथ ही भागीदारी की फीस के रूप में विभाग को 5.67 करोड़ रुपये मिले हैं। इस बार एक शराब विक्रेता को अधिकतम आठ ठेके ही आवंटित किए गए हैं। विभाग ने साफ किया कि इस बार भी परमिट व पास ऑनलाइन ही जारी किए होंगे। पिछली बार सेक्टर-9 का ठेका अधिकतम 7.56 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ था।
एक अप्रैल से 10 प्रतिशत महंगी हो जाएगी शराब
एक अप्रैल से भारतीय निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) महंगी हो जाएंगी। प्रशासन ने आबकारी नीति 2021-22 में छह प्रतिशत उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) बढ़ाने का फैसला किया है। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि यह शराब एक अप्रैल से आठ से 10 प्रतिशत महंगी हो जाएगी। इसके अलावा भी एक अप्रैल से कई नियम बदल जाएंगे। प्रशासन ने अहातों पर अल्कोहल मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया है, ताकि लोग शराब का सेवन करने के दौरान अल्कोहल की मात्रा खुद देख सकें। पांच सितारा व उससे ऊपर होटल की तरह तीन सितारा व चार सितारा होटल में भी मिनी बार खोले जा सकेंगे।
बाकी बचे 16 ठेकों की नीलामी के लिए भी अनुसूची जारी
अब विभाग की तरफ से बाकी बचे 16 ठेकों की नीलामी की जाएगी, जिसके लिए इच्छुक शराब ठेकेदार 22 से 30 मार्च तक अपनी बोली जमा करा सकते हैं। इसी दिन तीन बजे इनकी तकनीकी बोली खोली जाएगी। इसके बाद चार बजे वित्तीय बोली खोली जाएगी। बता दें कि हर बार विभाग सभी ठेकों की नीलामी नहीं कर पाता है। हर साल इनमें से कुछ ठेके बिना बिके रह जाते हैं। शुक्रवार को हुई नीलामी में डीसी मनदीप सिंह बराड़, एसडीएम (सेंट्रल) हरजीत सिंह संधू, अतिरिक्त आबकारी और कराधान आयुक्त आरके पोपली, आबकारी और कराधान अधिकारी सतपाल गिल और पर्यवेक्षक के तौर पर एचसीएस विराट उपस्थित रहे।