चंडीगढ़ दमकल विभाग में हुए फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच अब रफ्तार पकड़ने वाली है। तीन साल से लंबित इस घोटाले की फाइल डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार ने तलब की है।
फायरमैन भर्ती घोटाले की शुरुआती जांच सब-इंस्पेक्टर यशपाल कुंडू कर रहे थे। उन्होंने कई अहम सुराग जुटाए और आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि उनका ट्रांसफर सेक्टर-36 से सेक्टर-3 थाने में कर दिया गया। इसके बाद जांच रोक दी गई। फायरमैन की भर्ती में दूसरे की जगह फिजिकल टेस्ट देते हुए कुछ लोग गिरफ्तार हुए थे। उस समय भी यशपाल कुंडू सेक्टर 26 थाने में थे। उन्हीं को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। उन्होंने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन वहां से भी उनके पास से जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई। क्राइम ब्रांच में जांच अटकी हुई है।
वर्ष 2023 में एएसआई भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सतीश ने कबूला था कि उसने सोमवीर नामक व्यक्ति के साथ मिलकर दमकल विभाग में 10-10 लाख रुपये लेकर फर्जी भर्तियां करवाई हैं।
सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया, जो डेढ़ साल से फायरमैन के पद पर कार्यरत थे। जांच में खुलासा हुआ कि उनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि 60 से अधिक फर्जी फायरमैन की भर्ती कराई गई है।