जीरकपुर। ढकोली के प्राचीन शिव मंदिर में चल रही शिव महापुराण कथा के अष्टम दिवस पर भगवान सदाशिव की महिमा का ऐसा रस बरसा कि श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। पूज्य महाराज पंडित रामकुमार मिश्रा ने एकादश रुद्रों के प्राकट्य और उनके आध्यात्मिक महत्व का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान शिव के विभिन्न स्वरूप सृष्टि के संतुलन और भक्तों के कल्याण के लिए प्रकट हुए।
कथा के दौरान महाराज ने महर्षि दुर्वासा के अनुपम चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। इसके साथ ही भगवान शिव के अवतार संकटमोचन हनुमान की पावन कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भक्ति और समर्पण का संदेश दिया। महादेव की अष्ट मूर्तियों के स्वरूप और उनके आध्यात्मिक महत्व का भी सारगर्भित वर्णन किया गया।
महाराज ने कहा कि भगवान शिव के प्रत्येक स्वरूप में लोककल्याण और धर्म की स्थापना का संदेश निहित है। उनकी कथाओं का श्रवण मनुष्य को अहंकार, भय और नकारात्मकता से दूर कर भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाता है। कथा के दौरान पूरा मंडप हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयकारों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया।