डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को दोषी करार दिए जाने से लेकर सजा सुनाए जाने के बीच बाबा के डुप्लीकेट ने सभी के होश उड़ दिए थे। राम रहीम का डुप्लीकेट होने का इनपुर हरियाणा सरकार को मिला था। खुफिया एजेंसियों का यह इनपुट था कि बाबा का एक डुप्लीकेट तैयार किया गया है, जिसे डेरामुखी के स्थान पर आगे किया जा सकता है। यह डुप्लीकेट उसी तरह का है, जैसा कि आतंकी संगठन तैयार करते हैं।
कोर्ट में डेरामुखी के पेश होने के बाद पुलिस ने अपनी यह तसल्ली भी बाबा के पास नजदीक जाकर कर ली। यह एक अकेला इनपुट नहीं था। एक इनपुट यह भी था कि डेरामुखी मेडिकल ग्राउंड पर भी न आने का बहाना कर सकता है। डेरामुखी के दिन में किए गए पीठ के दर्द संबंधी ट्वीट ने इस संभावना को और मजबूत कर दिया था। एक इनपुट यह भी था कि कोर्ट में आने के समय वह पानीपत या कुरुक्षेत्र कहीं भी उतर सकता है
। केंद्र से लेकर राज्य सरकार के बीच हुई मंत्रणा के बाद यह तय हुआ कि इतने सारे इनपुट के बीच डेरा मुखी को यहां तक लाना जरूरी था। कानूनविदों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यदि डेरामुखी यहां नहीं आता और रामपाल प्रकरण की तरह कोर्ट डेरामुखी को डेरे से निकाल कर पेश करने का आदेश देता तो हालात और गंभीर होते। जिसके बाद शुरू हुआ मोलभाव। कई दौर की बातचीत के बाद डेरामुखी ने अपने पूरे परिवार को डेरे से बाहर लाने की शर्त रखी। शर्त तत्काल मान ली गई। 25 अगस्त को दोपहर बाद डेरामुखी को पेश होना था, जिसकी पुष्टि 24 अगस्त को रात 12 बजे के बाद हुई।