डेरा सच्चा सौदा में डेरा अनुयायियों को नपुंसक बनाने के मामले में सात डेरा अनुयायियों के बयान रिकार्ड कर लिए गए हैं।
पुलिस को दिए अपने बयानों में डेरा अनुयायियों ने कहा है कि वे डेरे की रीति रिवाजों के अनुसार चलते हैं। बयानों में आगे कहा गया है कि उन्हें किसी के दबाव में आकर नपुंसक नहीं बनाया गया कि यह क्रिया उन्होंने अपनी मर्जी से की है।
सिरसा के एसीपी राजेंद्र कुमार मीना की ओर से यह हलफनामा हाईकोर्ट में दिया गया है। शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हलफनामे को रिकार्ड में ले लिया। हाईकोर्ट ने मामले की आगामी सुनवाई 25 मार्च के लिए निर्धारित की है।
डेरा अनुयायी हंसराज चौहान ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर यह मामला उठाया है। याचिका में कहा गया है कि डेरे में अनुयायियों को नपुंसक बनाया जा रहा है और ऐसे अनुयायियों की संख्या सैकड़ों में है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। मामले की पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश जारी किए थे कि वह डेरा अनुयायियों के बयान रिकार्ड कर हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश करें।
इस मामले में हाईकोर्ट ने छत्रपति हत्याकांड में अंबाला जेल में बंद दोनों कैदियों के बयान रिकार्ड करने के भी निर्देश जारी किए थे।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सिरसा पुलिस ने डेरा अनुयायी सिरसा निवासी कृष्ण लाल, सिरसा निवासी जगदेव सिंह, राजस्थान निवासी अविनाश कुमार और सिरसा निवासी राधे श्याम के बयान रिकार्ड किए गए।
इसके साथ ही अंबाला पुलिस की मदद से छत्रपति मामले में बंद कैदी निर्मल और कुलदीप सिंह के बयान भी लिए गए।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस की तरफ से इन बयानों को संलग्न कर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी।