पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फिल्म उड़ता पंजाब के रिलीज को लेकर सरकारी प्रतिबंध की खबरें उड़ाने से बाज आएं। फिल्म में पंजाबियों को कंजर और यहां की जमीन को बंजर बताया गया है।
सुखबीर ने कहा कि हमारे लिए यह फिल्म ऐसी बेशुमार फिल्मों में एक है, जिसका निर्माण देश में महज व्यापार पक्ष को ध्यान में रखकर किया जाता है। इसे रिलीज करना या न करना फिल्म के निर्माताओं और सेंसर बोर्ड के बीच का मसला है। सरकार का इससे कोई संबंध नहीं है। यह देखना सेंसर बोर्ड का कार्य है कि फिल्म अभिव्यक्ति की आजादी के उसूलों पर खरी उतरती है या नहीं। इससे किसी राज्य, भाईचारे, संप्रदाय या किसी अन्य के खिलाफ जानबूझ कर घटिया प्रचार तो नहीं किया जा रहा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चूंकि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, इसीलिए वह फिल्म पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह ऐसी किसी भी कोशिश के पक्ष में हैं, जिससे पंजाब सरकार की ओर से नशे के विरुद्ध चलाई जा रही देश की जंग को सामाजिक या मनोवैज्ञानिक समर्थन मिला हो। उन्होंने कहा कि यह भी हो सकता है कि फिल्म में पंजाब को नशे की धरती के तौर पर गलत धारणा पेश की जा रही। यह धारणा कुछ मौकापरस्त गैर पंजाबी लोगों, सियासी दलों और नेताओं की ओर से फैलाई जा रही है, जिससे बहादुर पंजाबियों की छवि को ठेस लग सकती है।