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डेपुटेशन का खेल : केवल डॉक्टर ही नहीं अन्य कर्मचारियों पर भी मेहरबान है यूटी प्रशासन

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चंडीगढ़। स्वास्थ्य विभाग में डेपुटेशन पर जमे हुए डॉक्टरों की लिस्ट जारी होते ही अन्य कर्मचारियों के बीच मामला चर्चा में आ गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि उन 112 डॉक्टरों के अलावा स्वास्थ्य विभाग में अन्य पदों पर तैनात ऐसे दर्जनों कर्मचारी मौजूद हैं जो 20 साल की बजाय 30 से 35 साल से यहां डेपुटेशन पर जमे हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि उन कर्मचारियों की प्रशासन में गहरी पैठ है, जिसके बलबूते वे यूटी का आनंद उठा रहे हैं। वहीं, इसे लेकर चंडीगढ़ के नियमित कर्मचारियों में रोष भी है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से डेपुटेशन के मानक को दरकिनार कर उन से काम ले रहा है। नियमित पदों पर तैनाती की प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया है। इसीलिए 1997 के बाद डॉक्टरों की तैनाती नहीं हुई है।
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लौटने की नौबत ही नहीं आई
मजे की बात यह है कि डेपुटेशन पर आए 112 डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों में से लगभग दो दर्जन से ज्यादा ऐसे लोग शामिल हैं जिन्हें अपने गृह राज्य लौटने की नौबत ही नहीं आई। 25 से 30 साल तक यूटी में नौकरी करने के बाद वे डेपुटेशन के दौरान ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। नियमित कर्मचारियों का कहना है कि इस हकीकत के सामने आने के बाद इस बात का अनुमान खुद ही लगाया जा सकता है कि डेपुटेशन को लेकर चंडीगढ़ में कितना बड़ा खेल हो रहा है।
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20 नहीं 36 साल से जमे हैं यूटी में
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 20 साल से डेपुटेशन पर काम कर रहे डॉक्टरों से ज्यादा अन्य पदों पर तैनात कर्मचारी यूटी का आनंद उठा रहे हैं। इनमें कई फार्मेसिस्ट तो ऐसे हैं जो 1982 व 1985 से चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग में डेपुटेशन पर काम कर रहे हैं। वहीं एएनएम और एनएचवीएस पद पर 30 साल से ज्यादा समय से तैनात एक दर्जन कर्मचारी प्रशासन की नजर से बचे हुए हैं जबकि नर्सिंग स्टाफ के एक दर्जन से ज्यादा पद ऐसे डेपुटेशन के कर्मचारियों के भरोसे चल रही है, जो 35 साल से ज्यादा समय से स्वास्थ्य विभाग में तैनात है। लेकिन अब तक उन्हें लौटाने का आदेश जारी नहीं किया गया है।
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इनसेट
यहां से आए हैं डेपुटेशन पर
डॉक्टरों के अलावा स्वास्थ्य विभाग के जो भी अन्य कर्मचारी 30 साल से ज्यादा समय से यहां तैनात हैं उनमें पंजाब, हरियाणा और जम्मू कश्मीर से आए लोग शामिल है। वहीं इस बार प्रशासन ने हिमाचल प्रदेश से भी डेपुटेशन पर डॉक्टर मंगाने का निर्णय लिया है।
इनसेट-
डेपुटेशन पर जमे इन कर्मचारियों पर भी गौर करने की जरूरत है
पद संख्या कब से
नर्सिंग स्टाफ 14 1985 से 2019 के बीच
एएनएम 12 1997 से 2015 के बीच
फार्मासिस्ट 20 1982 से 2002 के बीच
कोट- मेरे कार्यकाल के दौरान जो भी डॉक्टर अपने गृह राज्य लौटाई जाएंगे उनके पदों को पहले भरा जाएगा, ताकि उनके जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग को किसी तरह की परेशानी ना हो और चिकित्सा सेवाएं समुचित तरीके से संचालित की जा सके।
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डॉ सुमन सिंह, निदेशक स्वास्थ्य
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