पिछले साल से सबक लेते हुए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू टेस्ट में मनमाने रेट वसूलने वाली प्राइवेट लैब पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। चंडीगढ़ प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक मलेरिया डिपार्टमेंट ने डेंगू की जांच के लिए प्राइवेट लैब के रेट फिक्स करने का फैसला लिया है। प्राइवेट लैब 600 रुपये से ज्यादा रेट नहीं वसूल सकेगी।
इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से भी गाइडलाइंस जारी की गई है कि प्राइवेट लैब 600 रुपये से ज्यादा शुल्क न लें और स्थानीय प्रशासन इस पर नजर भी रखे। अभी डेंगू का सीजन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन लारवा मिलने लगे हैं। तापमान में बार-बार आ रही नमी इस बात के संकेत दे रहे हैं कि डेंगू के केस बढ़ सकते हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से सख्ती बरती जा रही है। सबसे ज्यादा दिक्कतें प्राइवेट लैब की ओर से आती हैं। वे डेंगू टेस्ट के लिए 800 से लेकर दो हजार रुपये तक वसूलते हैं। इससे परेशानी मरीजों को होती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही रेट फिक्स करने का फैसला ले लिया।
पिछले बार भी फिक्स किए गए थे रेट
पिछली बार डेंगू का आउटब्रेक होने के बाद प्राइवेट लैब में डेंगू टेस्ट के मनमाने रेट वसूलने कर दिए थे। अमर उजाला ने इस संबंध में खुलासा किया था कि डेंगू टेस्ट 800 रुपये से लेकर 2000 हजार तक वसूले जा रहे हैं। उसके बाद प्रशासन हरकत में आया और रेट फिक्स कर दिए। बाद में कुछ प्राइवेट लैब को नोटिस भी जारी किए गए थे। फिर 600 रुपये रेट तय कर दिया। इसमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन का भी काफी सहयोग रहा था।
अब तक चंडीगढ़ में डेंगू के दो केस
पीजीआई से मिली जानकारी के मुताबिक अब तक चंडीगढ़ में डेंगू के दो केस सामने आए हैं। पहले केस में मरीज को पिछले साल भी डेंगू हुआ था, लेकिन इलाज सही से नहीं होने पर उसमें कैरियर पनप गया था और जांच में डेंगू कंफर्म हुआ। दूसरे केस में मरीज को टीबी थी। साथ में बुखार भी आ रहा था। जांच की गई तो डेंगू कंफर्म हुआ, लेकिन प्लेटलेट्स ठीक थे। विशेषज्ञों के मुताबिक दोनों ही केस आईजीएम के हैं। यानी सीधे तौर पर एडीज मच्छर उनके संपर्क में नहीं आया है। फिलहाल जिस तरह से एडीज मच्छर के लारवा मिल रहे हैं, उसके मुताबिक स्थिति कंट्रोल में है।